उत्तराखंड में बिजली की मांग में आई कमी, जुलाई में बिल 22 पैसे प्रति यूनिट महंगा
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देहरादून। प्रदेश में पिछले 2 दिनों से मौसम के नरम मिजाज के चलते बिजली की मांग में 50 से 80 लाख यूनिट की कमी भी दर्ज की गई है। फिलहाल राज्य में कुल मांग 4.9 करोड़ यूनिट भी है, जिसकी आपूर्ति पूरी तरह से की भी जा रही है।
बिजली आपूर्ति की वर्तमान स्थिति:
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केंद्रीय पूल से आपूर्ति: 2.2 करोड़ यूनिट
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राज्य उत्पादन से: 2.1 करोड़ यूनिट
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बाजार से खरीद: प्रतिदिन करीब 3 करोड़ यूनिट
उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) का दावा है कि फिलहाल राज्य में कहीं भी बिजली कटौती नहीं की जा रही है।
जुलाई में बढ़ेगा बिजली बिल, एक माह के लिए 22 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
यूपीसीएल ने फ्यूल एंड पावर पर्चेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) के तहत जुलाई महीने के बिजली बिल में औसतन 22 पैसे प्रति यूनिट की अस्थायी बढ़ोतरी की अनुमति मांगी भी थी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने यह अनुमति सशर्त रूप से भी दे दी है।
यह वृद्धि केवल एक माह के लिए लागू होगी और जून के बिजली बिल में यह राशि जोड़कर जुलाई में उपभोक्ताओं से ही वसूली की जाएगी।
22.73 करोड़ की रिकवरी को मिली मंजूरी
यूपीसीएल ने आयोग को दी याचिका में बताया कि अक्टूबर से दिसंबर 2023 की तिमाही में एफपीपीसीए के तहत उपभोक्ताओं से 35 करोड़ रुपये की वसूली भी की गई, जबकि कुल खरीद लागत 57.73 करोड़ रुपये थी। इस अंतर को देखते हुए यूपीसीएल ने 22.73 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की अनुमति भी मांगी थी, जिसे आयोग ने सशर्त मंजूरी दे दी है।
हर माह के हिसाब से होती है छूट या वसूली
एफपीपीसीए व्यवस्था के तहत यूपीसीएल द्वारा हर महीने की बिजली खरीद की लागत के आधार पर अगली माह उपभोक्ताओं को या तो छूट दी जाती है, या फिर वसूली की जाती है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ नियामक आयोग को माहवार व तिमाही रिपोर्ट सौंप कर संचालित की जाती है।
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि वसूली का स्पष्ट लेखा-जोखा अलग से रखा जाए, क्योंकि जून महीने का ऑडिट डाटा अभी उपलब्ध नहीं है।




