हरिद्वार: फर्जी दस्तावेजों से विवाह पंजीकरण, नकदी और जेवर लेकर युवती फरार, पांच के खिलाफ केस दर्ज
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
हरिद्वार में फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए विवाह पंजीकरण कराने व लाखों रुपये की नकदी और जेवर लेकर फरार होने का एक मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली में 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।
सलेमपुर महदूद निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत में बताया कि 25 दिसंबर 2024 को उसकी 22 वर्षीय बेटी अचानक घर से ही लापता हो गई थी। वह जाते समय घर में रखे करीब 5 लाख रुपये नकद व सोने के जेवर भी साथ ले गई।
परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद पता चला कि युवती शाहिद हसन नामक युवक के साथ चली गई है और दोनों ने विवाह भी कर लिया है। बाद में जानकारी मिली कि दोनों का विवाह 8 नवंबर 2024 को हरिद्वार तहसील में पंजीकृत भी किया गया था।
शिकायतकर्ता का दावा है कि विवाह दस्तावेजों में दर्ज निकाह की तारीख 18 जुलाई 2024 है, लेकिन उसी दिन शाहिद हसन भारत में मौजूद ही नहीं था बल्कि सऊदी अरब में था। यह बात उसके पासपोर्ट पर लगे इमिग्रेशन स्टैम्प से साबित भी होती है।
आरोप है कि विवाह पंजीकरण के लिए जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, उनमें गंभीर विसंगतियां हैं। एक दस्तावेज़ में दूल्हे का नाम अमान मलिक व दुल्हन का नाम आयशा दर्ज है, जबकि हिंदी अनुवाद में शाहिद हसन और जिकरा राव के नाम हैं। इतना ही नहीं, दोनों दस्तावेजों में गवाहों और अधिवक्ताओं के नाम भी अलग-अलग हैं।
शिकायत के अनुसार, शाहिद हसन सहित 5 लोगों—जिकरा राव, वरीस राव, वसीम अहमद और हैदर अली—ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उसी के आधार पर विवाह पंजीकरण भी कराया। बाद में उन्होंने हाईकोर्ट से सुरक्षा भी प्राप्त कर ली।
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी गई है।




