दून शहर में धुंआ उगलते वाहनों पर शिकंजा, दो दिन में 676 चालान, 30 वाहन मानकों से बाहर
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देहरादून। राजधानी देहरादून समेत पूरे गढ़वाल संभाग में सार्वजनिक परिवहन वाहनों से फैल रहे वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए परिवहन विभाग ने 2 दिवसीय विशेष अभियान भी चलाया। अभियान के दौरान देहरादून में सबसे ज्यादा 205 वाहनों का चालान किया गया। इसके बाद रुड़की में 171, हरिद्वार में 85, विकासनगर में 58 व ऋषिकेश में 44 वाहनों पर कार्रवाई की गई।
एनसीएपी के तहत सख्त अभियान
आरटीओ (प्रवर्तन) डा. अनीता चमोला ने बताया कि
यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत की गई। देहरादून, ऋषिकेश व काशीपुर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए इन शहरों को चुना गया है। इसी क्रम में बुधवार व गुरुवार को मोबाइल वैन और प्रदूषण जांच केंद्रों की मदद से वाहनों की जांच भी की गई।
जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC) नहीं था, उन पर मौके पर ही 676 चालान भी किए गए। 30 वाहनों का प्रदूषण मानक से अधिक पाया गया। इन वाहन मालिकों को 7 दिन के भीतर सुधार कर प्रमाण-पत्र के साथ आरटीओ में पेश होने का नोटिस भी थमाया गया।
अब तक 1.98 करोड़ का जुर्माना वसूला
वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक पूरे दून संभाग में 12,227 चालान भी किए जा चुके हैं। इससे 1.98 करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। अकेले देहरादून में 3181 वाहन, रुड़की में 2087, विकासनगर में 2127, ऋषिकेश में 2070, हरिद्वार में 1713, टिहरी में 735 व उत्तरकाशी में 314 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है।
लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन निलंबन की चेतावनी
आरटीओ ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत बीएस-2 और बीएस-3 श्रेणी के वाहनों के लिए हर 6 माह और बीएस-4 व बीएस-6 वाहनों के लिए हर वर्ष प्रदूषण जांच अनिवार्य है।
- पहली बार नियम तोड़ने पर ₹2500 जुर्माना,
- दोबारा उल्लंघन पर ₹5000,
- और प्रदूषण अधिक होने पर वाहन का पंजीयन और चालक का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
यह अभियान राज्य के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने की दिशा में एक ठोस पहल भी है। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह के नियमित अभियान भी जारी रहेंगे, ताकि प्रदूषण पर सख्ती से नियंत्रण भी पाया जा सके।




