2027 में होगी देश की 16वीं जनगणना, पहली बार शामिल होगी जाति गणना, पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश की अगली जनगणना साल 2027 में कराने का ऐलान किया है। इसके लिए राजपत्र अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। खास बात यह है कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी व पहली बार जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में जनगणना की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी।
सरकारी बयान के अनुसार, 2027 की यह जनगणना मोबाइल एप के जरिए ही की जाएगी, जो 16 भाषाओं में उपलब्ध भी होगा। इस बार 34 लाख गणक व पर्यवेक्षक, 1.3 लाख जनगणना अधिकारी आधुनिक डिजिटल उपकरणों से डेटा भी एकत्र करेंगे।
दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी—पहले चरण में मकान सूचीकरण व मकानों की स्थिति का रिकॉर्ड लिया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या से संबंधित सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक जानकारियां भी जुटाई जाएंगी।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में पहले होगी शुरुआत
अमित शाह के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में 1 अक्टूबर 2026 से जनगणना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बाकी भारत में यह कार्य 1 मार्च 2027 से आरंभ भी होगा।
सेल्फ एन्यूमरेशन की भी सुविधा
इस बार नागरिकों को मोबाइल एप के जरिए स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी मिलेगी। डेटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कड़े डिजिटल सुरक्षा उपाय लागू भी किए जाएंगे।
16 साल बाद होगी जनगणना
गौरतलब है कि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना टाल दी गई थी। ऐसे में अब 16 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत में जनसंख्या का विस्तृत सर्वे भी किया जाएगा। यह जनगणना भारत की16वीं और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी।




