हर्षिल में झील से डूबा गंगोत्री हाईवे, BRO और प्रशासन जुटे राहत कार्यों में

उत्तरकाशी। हर्षिल क्षेत्र में अतिवृष्टि से बनी अस्थायी झील ने गंगोत्री हाईवे की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी थी। अब बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) सड़क बहाली के लिए धराली से मलबा लाकर हाईवे पर भराई भी कर रहा है। करीब 50 से 100 मीटर सड़क पर मलबा बिछाकर आवागमन शुरू करने का प्रयास भी किया जा रहा है।
वहीं सिंचाई विभाग ने झील के मुहाने को खोलने व नदी को चैनलाइज करने के लिए पोकलैंड मशीन से कार्य तेज भी कर दिया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही झील के खतरे से हर्षिल क्षेत्र सुरक्षित भी हो जाएगा।
आपदा के चलते भटवाड़ी व हर्षिल घाटी में संचार, बिजली और पानी की व्यवस्था भी ठप हो गई थी। नलूणा में हुए भूस्खलन से 2 दिन तक मोबाइल नेटवर्क व बिजली बाधित रही। हालांकि मंगलवार देर रात बिजली व बुधवार दोपहर तक मोबाइल सेवा बहाल भी कर दी गई।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि
युद्ध स्तर पर मार्ग बहाली का कार्य भी जारी है। लिमच्यागाड, डबरानी व सोनगाड जैसे चुनौतीपूर्ण स्थानों पर सड़क संपर्क बहाल कर दिया गया है। साथ ही हर्षिल, धराली व आसपास के क्षेत्रों में बिजली, पानी और संचार सेवाएं भी सुचारू की जा चुकी हैं।
डीएम ने कहा कि
पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न व आवश्यक वस्तुएं लगातार प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचाई जा रही हैं। साथ ही पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, राजस्व, स्वास्थ्य, आपूर्ति, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस व BRO जैसी सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर भी रखा गया है।