उत्तराखंड

उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा को मिलेगा और मजबूती, परिवहन विभाग ने 9 फर्मों को किया सूचीबद्ध


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

उत्तराखंड में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने व सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने राज्यभर में ब्लैक स्पॉट व क्रैश बैरियर के मूल्यांकन कार्य के लिए 9 विशेषज्ञ फर्मों को अधिकृत किया है। इन फर्मों का पंजीकरण एक वर्ष के लिए भी किया गया है।

राज्य में हर वर्ष 1000 से 1400 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत होती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग व पुलिस लगातार सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने पर काम कर रहे हैं। अब ब्लैक स्पॉट की पहचान व सुधार कार्यों के लिए चयनित फर्में राज्य के सभी जिलों में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

सड़क सुरक्षा लीड एजेंसी द्वारा समय-समय पर इन सुधार कार्यों के लिए बजट भी जारी किया जाता है और अब इन 9 फर्मों को इन परियोजनाओं में विशेषज्ञता के आधार पर काम करने की अनुमति भी दी गई है।

सूचीबद्ध फर्में:
एंटीक बिल्टेक (राजस्थान), एसएन इंफ्रा डेवलपमेंट (मध्य प्रदेश), टेकमोडेक (राजस्थान), ट्रांसलिंक इंफ्रास्ट्रक्चर (गुजरात), क्राफ्ट्स कंसल्टेंट (हरियाणा), कंसल्टिंग इंजीनियर ग्रुप (जयपुर), श्वेता टेक्नोफाइल (गाजियाबाद), जयशंकर झा (नोएडा) व टेक्निकल कंसल्टेंसी सर्विसेज (देहरादून)।

अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह के आदेश के अनुसार, इन फर्मों की सूचीबद्धता 31 अगस्त 2026 तक मान्य भी रहेगी। इस अवधि में किसी भी जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े सुधार कार्यों के लिए इन एजेंसियों की सेवाएं भी ली जा सकेंगी।

सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में सड़क हादसों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जाए व राज्य में सुरक्षित यातायात प्रणाली को सशक्त बनाया जाए।


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

Related Articles

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button