शारदा नदी किनारे कूड़ा डंपिंग ज़ोन बना बड़ा संकट, एनजीटी नियमों की खुलेआम धज्जियां—तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
चंपावत: टनकपुर नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर से सामने आई है। पवित्र शारदा नदी के किनारे बनाए गए कूड़ा डंपिंग ज़ोन ने पूरे इलाके को प्रदूषण से भी भर दिया है। यहां लगे कूड़े के ऊँचे पहाड़, उनमें लगी आग, उठती दुर्गंध व जहरीला धुआं न सिर्फ शारदा घाट के वातावरण को दूषित कर रहे हैं, बल्कि पूर्णागिरि धाम के हजारों श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा भी हो रही है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इन हालातों के बावजूद नगर पालिका व एनजीटी दोनों ही सक्रियता दिखाते नहीं दिख रहे।
शारदा नदी किनारे कूड़े का अंबार, स्वच्छता अभियान पर भी सवाल
नगर पालिका ने पूरे शहर का कूड़ा सीधे शारदा नदी के किनारे फेंकने के लिए डंपिंग ज़ोन बना दिया है।
यहां—
- कूड़े के बड़े-बड़े ढेर
- लगातार लगी आग
- उठता जहरीला धुआं
- और आसपास के इलाकों में फैलती बदबू
ने हालात बदतर कर दिए हैं।
यही नहीं, इस डंपिंग साइट के पास ही पूर्णागिरि यात्रियों का पार्किंग स्थल, आबादी क्षेत्र और उप जिला अस्पताल भी है। इससे स्वास्थ्य जोखिम और भी बढ़ गया है।
सीएम धामी के शारदा कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर पड़ती छाया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट शारदा कॉरिडोर के तहत इस क्षेत्र को खूबसूरत धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित भी किया जा रहा है।
लेकिन नगर पालिका द्वारा नदी किनारे कूड़ा फेंकना, इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर सवाल भी खड़ा कर रहा है।
स्थानीय लोगों ने इसे “सरकार की योजनाओं का मजाक” भी बताया है।
तीर्थयात्री और स्थानीय लोग बेहद परेशान
कूड़े के ढेर में लगी आग से उठता धुआं और बदबू—
- पूर्णागिरि के भक्तों
- क्षेत्रवासियों
- दुकानदारों
को रोज़ परेशान कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कूड़ा स्थल को तुरंत आबादी से दूर शिफ्ट किया जाए, वरना हालात और भी बिगड़ेंगे।
गोवंश खा रहे पन्नियां और कूड़ा
डंपिंग ज़ोन पूरी तरह खुला है।
यहां बड़ी संख्या में गोवंशीय पशु कूड़े से पन्नियां व प्लास्टिक खा रहे हैं, जो उनकी जान के लिए खतरा बन गया है।
पशु अधिकारों का भी यहां खुला उल्लंघन भी हो रहा है।
नगर पालिका प्रशासन ने क्या कहा?
नगर पालिका टनकपुर के प्रभारी अधिशासी अधिकारी दीपक बुडलाकोटी ने कहा कि—
“शासन से धनराशि जारी होने का इंतज़ार है। पैसा मिलते ही कूड़े का निस्तारण भी किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि
“शारदा नदी किनारे से कूड़ा स्थल हटाने की अभी कोई योजना ही नहीं है।”
स्थानीयों का सवाल—आखिर कब बदलेगा टनकपुर?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब
- शारदा नदी प्रदूषित हो रही है
- यात्रियों को धुआं झेलना पड़ रहा है
- अस्पताल प्रभावित हो रहा है
- पर्यावरण को नुकसान हो रहा है
तो आखिर यह क्षेत्र स्वच्छ, सुंदर व मॉडल जिला कैसे बनेगा?




