प्रयागराज कुंभ 2025: VVIP कॉरिडोर, स्मार्ट सुरक्षा उपाय और सांस्कृतिक समृद्धि के साथ संगम नगरी का नया रूप
प्रयागराज एयरपोर्ट से संगम नगरी तक 16 KM लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर तैयार... 550 करोड़ आई है लागत
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प्रयागराज में कुंभ मेले की तैयारी के तहत संगम नगरी का स्वरूप निखर रहा है I प्रयागराज एयरपोर्ट से संगम तक 16 किलोमीटर लंबा VVIP कॉरिडोर लगभग बनकर तैयार है, जिसकी कुल लागत 550 करोड़ रुपये है I यह प्रोजेक्ट न केवल यातायात को सुगम बना रहा है, बल्कि शहर की सुंदरता को भी बढ़ा रहा है I उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ मेला 2025 की तैयारियों के तहत शहर का स्वरूप पूरी तरह बदल रहा है I संगम नगरी को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 16 किलोमीटर लंबा और 550 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा VVIP कॉरिडोर लगभग तैयार हो चुका है I लोगों का कहना है कि यह कॉरिडोर न केवल यातायात को सुगम बना रहा है, बल्कि शहर की सुंदरता से भी ध्यान खींच रहा है I
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में आगामी महाकुंभ 2025 की तैयारियों का निरीक्षण किया I उन्होंने बताया कि शहर में 200 से अधिक सड़कों का विस्तार किया गया है, 14 फ्लाईओवर बनाए गए हैं, और 5000 एकड़ क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है I
- रेलवे स्टेशनों पर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं
सेंट्रल स्टेशन, ट्रेनों से प्लेटफार्मों पर जैकेट पहने कर्मियों के माध्यम से दिव्य-भव्य महाकुंभ की झलक नजर आएगी। जैकेट पहने कर्मी क्यूआर कोड स्कैन करा महाकुंभ-2025 का एप डाउनलोड कराएंगे। इनकी जैकेट से ही क्यूआर कोड स्कैन करते ही एप डाउनलोड की सुविधा आपके मोबाइल फोन पर मिलेगी। हर प्लेटफार्म में ये कर्मचारी तैनात रहेंगे। महाकुंभ की महत्ता बताती व्यवस्थाओं, सुविधाओं के स्लोगन भगवा होंगे। कानपुर से बुंदेलखंड, आसपास जिलों तक प्लेटफार्म, प्रतीक्षालय, वीआइपी लाउंज, टिकट वेंडिंग मशीनें, कियास्क सजेंगे। ट्रेनों की आवाजाही में उद्घोषणा भी महाकुंभ के रंग में रंगी होगी।
आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) लग चुके हैं।
- अंगुली से छूते ही स्क्रीन बताएगी सब जानकारियां
महाकुंभ के दौरान सेंट्रल स्टेशन समेत सभी स्टेशनों पर भगवा कियास्क लगाए जाएंगे। इनमें टच स्क्रीन होगी। इस स्क्रीन पर अंगुली से छूते ही ब्योरा आ जाएगा। इसमें ट्रेनों, प्लेटफार्म संख्या, आने व जाने के समय से लेकर रेलवे की महाकुंभ से संबंधित और जानकारियां मिल सकेंगी।
- 60 हजार लोगों के रुकने को बना होल्डिंग एरिया
इस महायोजन को निर्बाधित ढंग से पूर्ण करवाने की जिम्मेदारी आइएएस विजय किरन आनंद को सौंपी गई है। पिछला कुंभ 2019 भी उनके नेतृत्व में हुआ था। चार पुराने कुंभों के अच्छे-बुरे पहलुओं का अध्ययन करते हुए वह लगातार दो साल से इसकी तैयारी में जुटे हैं। वह मानते हैं कि महाकुंभ मेला स्थल प्रबंधन के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए वर्ष 2013 में रेलवे स्टेशन पर हुए भगदड़ से सबक लेकर 60 हजार लोगों को रोकने के लिए होल्डिंग एरिया बनाया गया है। सुरक्षा प्रबंधन के दृष्टिगत एडवांस्ड एआइ ड्रिवन डाटा एनालिटिक्स साल्यूशन सिस्टम को लागू किया गया है। इस सिस्टम को लागू करने से महाकुंभ पुलिस का सर्विलांस कई गुना अधिक प्रभावी और मजबूत हो जाएगा। इससे सुरक्षा प्रबंधन के दृष्टिगत भीड़ प्रबंधन समेत विभिन्न पहलुओं की विवेचना करते हुए घटनास्थल व चिह्नित क्षेत्रों के रियल टाइम डाटा को एनालाइज कर प्रभावी स्ट्रैटेजी बनाने में मदद मिलेगी। इस सिस्टम और सर्विलांस के लिए विशिष्ट टीम गठित की गई है। महाकुंभ में अत्यधिक भीड़ आने की उम्मीद पर प्रबंधन की विशेष योजना बनाई गई है। योजना में मेला प्रशासन के साथ ही प्रयागराज जिला प्रशासन, मेला और जिला पुलिस, रेलवे, परिवहन निगम को भी शामिल किया गया है। योजना के तहत आने वाली भीड़ को स्नान के बाद फौरन वापसी कराना मुख्य उद्देश्य रहेगा।
- पूरे प्रदेश से लगभग 20 हजार पुलिसकर्मी लगाए गए हैं।
इसके अलावा अर्द्धसैनिक बलों, पीएसी के लगभग 20 हजार जवान तैनात किए गए हैं, जो भीड़ न इकट्ठा होने पाए, इस पर नजर रखेंगे और कार्रवाई करेंगे। भीड़ पर नजर रखने के लिए शहर से लेकर महाकुंभ मेला क्षेत्र में उच्च क्षमता के 2850 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनका डिस्प्ले प्रयागराज पुलिस लाइन के साथ ही महाकुंभ मेला में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में होगा, जिसमें एडीएम और एएसपी रैंक के अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। उनके साथ विशेषज्ञ स्टाफ की तैनाती की गई है, जिनकी पैनी नजर होगी और जहां भी भीड़ बढ़ेगी, वहां तैनात अधिकारियों को फौरन सूचना दी जाएगी।
- लगभग दो वर्षों से महाकुंभ की तैयारियां चल रही हैं।
प्रयागराज शहर और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा से लेकर सौंदर्यीकरण और चौराहों व सड़कों का चौड़ीकरण, रेलवे ओवर ब्रिज, फ्लाईओवर, हाईवे को फोरलेन व सिक्सलेन कराया गया। रेलवे स्टेशनों के साथ बस अड्डों का विस्तार कराया गया है। भीड़ प्रबंधन और यातायात प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित डेडिकेटेड टीम भी लगाई गई है। खासतौर पर संगम व इसके आसपास के घाटों पर आइएएस, आइपीएस अफसरों के साथ एडीएम और एसडीएम लगाए गए हैं। अन्य स्नान घाटों पर एडीएम व एसडीएम स्तर के अधिकारियों के साथ फोर्स तैनात रहेगा।
- पानी के नीचे भी ड्रोन…
महाकुंभ मेला 2025 की तैयारियों के हिस्से के रूप में, उत्तर प्रदेश पुलिस पानी के नीचे ड्रोन का उपयोग करेगी. सुरक्षा बढ़ाई गई है I 25 दिसंबर को एक अंडरवाटर ड्रोन का परीक्षण किया गया था, जिसका इस्तेमाल जल पुलिस और प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) द्वारा किया जाएगा I
यह एक ऐसा ड्रोन है जो पानी के अंदर किसी व्यक्ति या वस्तु की पहचान कर सकता है I
- AI कैमरों से होगी निगरानी
इसके अलावा, महाकुंभ 2025 की तैयारियों के तहत 2,700 एआई-सक्षम कैमरे लगाए जा रहे हैं I महाकुंभ 2025 को लेकर शहर में संचालित परियोजनाओं का डिजिटलीकरण किया गया है I इस बार एआई का इस्तेमाल किया गया है. करीब 2,700 कैमरे लगाए जा रहे हैं जो एआई-सक्षम हैं I
- लोक कलाओं की बिखरेगी छटा
उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग इस अवधि के दौरान भारत की समृद्ध लोक कलाओं को प्रस्तुत करने की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है I संस्कृति विभाग प्रयागराज में प्रमुख स्थानों पर 20 छोटे मंच स्थापित करेगा, जिससे पर्यटकों, भक्तों और स्थानीय लोगों को 45 दिनों तक देश की विविध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने का मौका मिलेगा I इन मंचों पर भारत भर के विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे I




