उत्तराखंड
उत्तराखंड: 24 गेम चेंजर योजनाओं से राज्य के विकास की नई दिशा, जानिए सरकार की रणनीति
उत्तराखंड सरकार ने 24 विभागों की गेम चेंजर योजनाओं पर बजट में दिया जोर, सशक्त उत्तराखंड@25 का सपना साकार होगा
देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने आगामी बजट में 24 विभागों की गेम चेंजर योजनाओं पर खास ध्यान केंद्रित किया है, जिनका असर अगले 2 वर्षों में धरातल पर भी दिखाई देगा। इन योजनाओं को आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में प्रमुखता से उल्लेखित भी किया गया है। यह योजनाएं राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और सशक्त उत्तराखंड@25 की परिकल्पना को साकार करने में सहायक सिद्ध होंगी।
यह हैं प्रमुख गेम चेंजर योजनाएं:
- कृषि विभाग: ई-रूपी योजना के तहत डिजिटल पेमेंट सिस्टम और सुरक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचेंगी और कार्बन फुटप्रिंट कम होगा। इसके लिए 25 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
- बदरी: शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए फिल्मी हस्तियों और प्रतिष्ठित खिलाड़ियों को ब्रांड एंबेसडर के रूप में जोड़ा जाएगा।
- पशुपालन: वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति से हर साल 20 करोड़ रुपये का व्यवसाय होगा। इसके अलावा, गो सेवक योजना से निराश्रित नर गोवंश की संख्या में कमी आएगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- सगंध पौध केंद्र: महक क्रांति योजना के तहत 118 करोड़ रुपये का बजट सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए आवंटित किया गया है।
- मत्स्य: प्लॉट फार्मिंग योजना और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पीपीपी मोड पर मत्स्य हैचरी का संचालन होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
- उद्यान विभाग: एप्पल मिशन और नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत क्लस्टर पॉलीहाउस की स्थापना से राज्य में बागवानी के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी।
- वन विभाग: इको-टूरिज्म और गैर-प्रकाष्ठ वन उपज के विकास के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। यह योजनाएं राज्य के बाकी जिलों में चलेंगी, जबकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर इससे बाहर रहेंगे।
- ग्राम्य विकास: हाउस ऑफ हिमालयाज योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के लिए 10-10 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
- शहरी विकास: राज्य में 100 नए पार्कों का निर्माण 100 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसके अलावा, स्ट्रीट लाइट के प्रबंधन के लिए 275 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
- स्वास्थ्य: दूरस्थ क्षेत्रों के लिए विशेषज्ञ परामर्श सेवा, आत्मनिर्भर मेडिसिटी का विकास, और अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली के लिए योजनाएं तैयार की गई हैं।
- परिवहन: ई-बस सेवा के तहत 28 ई-चार्जिंग स्टेशन, जो 856 किमी मार्ग को कवर करेंगे, लगाए जाएंगे। इसके बाद 70 चार्जिंग स्टेशन की स्थापना भी की जाएगी।
- कौशल विकास: मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत 15 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह योजना युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसर प्रदान करने में मदद करेगी।
- उर्जा: मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
- स्वास्थ्य: दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ परामर्श सेवाएं शुरू की जाएंगी और नर्सिंग छात्रों के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन योजनाओं के तहत विभिन्न क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन व राज्य की समग्र प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य है कि इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करके उत्तराखंड को एक सशक्त व समृद्ध राज्य बनाया जा सके।




