उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) का 3 दिवसीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन और विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन 28–30 नवंबर तक ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित भी होगा। सम्मेलन में देश-विदेश के शीर्ष वैज्ञानिक, विशेषज्ञ व नीति निर्माता भाग लेेंगे।
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि यह राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल भी है। सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता के 2 वर्ष पूरे होने के दिन यानी 28 नवंबर को कार्यक्रम का शुभारंभ भी होगा। सम्मेलन में आपदा-प्रभावित राज्यों, विशेषकर हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों व समाधान पर गहन मंथन होगा।
उन्होंने बताया कि विज्ञान प्रीमियर लीग में चयनित 13 टीमें देहरादून पहुंच भी रही हैं। कई देशों के राजदूत भी सम्मेलन में शामिल भी होंगे। फोकस इस बात पर रहेगा कि आपदा के बाद कार्रवाई से पहले पूर्वानुमान आधारित तैयारी कैसे की जाए, ताकि नुकसान कम भी हो। हिमालयी राज्यों की सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को उत्तराखंड में लागू करने पर भी चर्चा होगी।
सम्मेलन में 57 देशों के विशेषज्ञ, आर्म्ड फोर्सेज का विशेष सत्र व देशभर के वैज्ञानिक संस्थानों की भागीदारी होगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी सत्र को संबोधित भी करेंगे।
प्रो. पंत ने बताया कि उत्तराखंड को क्लाइमेट चेंज व डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। एनआईएम के साथ मिलकर एसओएस (Science of Survival) कोर्स भी विकसित किया गया है। इस बार 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की आपदा स्थितियों में सुरक्षा पर विशेष फोकस भी रहेगा। हिमालयी राज्यों के समन्वय के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है।
