अक्षय तृतीया आज: गजकेसरी और सर्वार्थ सिद्धि योग के संयोग में शुभ पर्व, बाजारों में खरीदारी का उत्साह
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आज बुधवार को अक्षय तृतीया का पावन पर्व देशभर में श्रद्धा व आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस बार अक्षय तृतीया पर गजकेसरी और सर्वार्थ सिद्धि जैसे शुभ योगों का संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को ही मनाई जाती है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. सुशांत राज के मुताबिक, इस वर्ष यह तिथि 29 अप्रैल को शाम 5:32 बजे से शुरू होकर 30 अप्रैल दोपहर 2:13 बजे तक ही रहेगी। इस अवधि में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करना विशेष रूप से फलदायी भी माना जाता है।
अबूझ मुहूर्त में उमड़ा बाजारों का उत्साह
अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता ही नहीं होती। यही कारण है कि शादी, गृह प्रवेश, वाहन व आभूषण की खरीदारी जैसे कई शुभ कार्य इस दिन ही किए जाते हैं।
बाजारों में अक्षय तृतीया को लेकर पहले से ही रौनक भी बनी हुई है। दुकानदारों के अनुसार, इस बार ग्राहकों की ओर से एडवांस बुकिंग काफी अधिक हुई है। खासतौर पर हल्के वजन के सोने के आभूषणों की मांग सबसे ज्यादा भी है। सोने की कीमतों में तेजी के चलते डायमंड ज्वेलरी की ओर भी खरीदारों का रुझान भी बढ़ा है।
डायमंड और पूजा सामग्री की बढ़ी मांग
कुंदनमाला ज्वेलर्स के मालिक अमित गुप्ता ने बताया कि इस बार सोने के साथ-साथ डायमंड की अंगूठियों की भी काफी बुकिंग हुई है। वहीं, पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश के सिक्के, नए बर्तन, कलश, दीपक व घंटियों की बिक्री में भी उछाल देखा जा रहा है।
आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने बताया कि इस दिन नया कार्य भी शुरू करना, कोई नया व्यापार प्रारंभ करना या संपत्ति में निवेश करना अत्यंत शुभ भी होता है। अक्षय तृतीया के दिन किए गए कार्य कभी निष्फल नहीं होते और अक्षय पुण्य प्रदान भी करते हैं।




