टिहरी में पेड़ पर लटका मिला बिहार के ठेकेदार का शव, तीन साल से रह रहा था गजा में – हत्या या आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस
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उत्तराखंड के टिहरी जनपद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। गजा-चाका मोटर मार्ग पर स्थित मातृछाया सदन के पास एक ठेकेदार का शव पेड़ पर लटका मिला। मृतक की पहचान तैयज आलम (40) निवासी किशनगंज, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, घटना की हत्या या आत्महत्या – दोनों एंगल से जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, तैयज आलम पिछले तीन सालों से गजा में किराए के कमरे में रहकर मजदूरों के साथ मकान बनाने का काम करता था। बुधवार शाम को वह अचानक अपने कमरे से लापता हो गया था। रात तक घर न लौटने पर उसके साथ काम करने वाले मजदूरों ने गुमशुदगी की सूचना गजा पुलिस चौकी में दी और खुद भी उसकी तलाश में निकल पड़े।
रात करीब आठ बजे के आसपास मजदूरों को चाका रोड के पास उसकी बाइक सड़क किनारे खड़ी मिली। पास ही पेड़ों के झुरमुट में ऊपर देखने पर उन्हें तैयज आलम का शव पेड़ पर लटका हुआ दिखाई दिया। अपने साथी का शव देखकर मजदूरों के कदम ठिठक गए। किसी को समझ नहीं आया कि मेहनतकश और सीधा-सादा तैयज आलम आखिर इस हाल में कैसे पहुंच गया।
आलम की मौत की खबर जैसे ही बिहार स्थित उसके घर बागीचा गांव पहुँची, वहाँ पत्नी अंसारी बेगम और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों और मजदूरों में भी शोक और सदमे का माहौल है। तैयज आलम मूल रूप से किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र के निवासी थे। तीन साल पहले रोज़गार की तलाश में उत्तराखंड आए थे और तब से गजा में रहकर मकान निर्माण के ठेके ले रहे थे।
स्थानीय लोग बताते हैं कि वह शांत स्वभाव और मेहनती व्यक्ति थे। पिछले कुछ दिनों से उनके व्यवहार में किसी तरह का असामान्य परिवर्तन नहीं देखा गया था। पुलिस की जांच जारी“मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह हत्या है या आत्महत्या। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।”
सड़क किनारे बाइक खड़ी मिली, लेकिन घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। वहीं स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। सबके मन में यही सवाल है कि —क्या यह वाकई आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है? पुलिस अब मजदूरों, आस-पास के लोगों और परिवार से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की असली सच्चाई सामने आ सके।




