चारधाम यात्रा शुरू, लेकिन पाताल गंगा टनल की मरम्मत में लगेंगे दो महीने – कई मार्गों पर अधूरे हैं काम
चारधाम यात्रा शुरू, लेकिन कई मार्गों पर अब भी अधूरे हैं निर्माण कार्य, सचिव ने दिए तेजी से सुधार के निर्देश
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देहरादून : चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ गई है, लेकिन यात्रा मार्गों पर कई ऐसे स्थान हैं जहां निर्माण और मरम्मत के कार्य अब भी अधूरे हैं। विशेष रूप से बदरीनाथ मार्ग पर पाताल गंगा के पास स्थित टनल की मरम्मत अब तक पूरी नहीं हो सकी है, जिसे भूस्खलन से नुकसान पहुंचा था। कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल ने इसे 2 माह में पूरा करने का आश्वासन भी दिया है।
गंगोत्री मार्ग पर भी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। उत्तरकाशी से झाला तक करीब 30 किमी हिस्से में सतह सुधारीकरण का कार्य अधूरा है, जिसे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को पूरा भी करना है। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने हाल ही में मार्ग का निरीक्षण कर इस पर नाराजगी भी जताई और संबंधित एजेंसियों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।
चारधाम यात्रा मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और एनएचआईडीसीएल के अधीन भी हैं। यात्रा शुरू होने से पहले इन एजेंसियों द्वारा मार्ग को सुगम व सुरक्षित बनाने का काम शुरू किया गया था, जिसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही थी। बावजूद इसके कई स्थानों पर गड्ढे, ऊंची-नीची सड़कें व अधूरे निर्माण अब भी यात्रियों की परेशानी का कारण बने हुए हैं।
सचिव पांडेय ने बताया कि यमुनोत्री मार्ग अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है, लेकिन अन्य धामों के रास्तों में सुधार की जरूरत है। नंद प्रयाग में भूस्खलन प्रभावित छह स्थानों पर मलबा हटाने के निर्देश दिए गए हैं। केदारनाथ मार्ग पर पूर्व में चिन्हित कमियों को दूर किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के मुख्य अभियंता दयानंद के अनुसार, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में 22 स्थानों पर जेसीबी मशीनें भी तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्यवाही भी की जा सके।




