पंचायत चुनाव में आरक्षण और मतदाता सूची गड़बड़ी पर कांग्रेस का हल्लाबोल, निर्वाचन आयोग से की निष्पक्ष चुनाव की मांग
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देहरादून: उत्तराखंड में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अब राज्य निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया है। कांग्रेस ने आरक्षण रोस्टर व मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव में पारदर्शिता व निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की अगुवाई में राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार से मिला और लिखित शिकायत पत्र भी सौंपा।
आरक्षण में रोस्टर को ‘शून्य’ करने का आरोप
करन माहरा ने आरोप लगाया कि
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन व पंचायती राज विभाग के माध्यम से पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर को शून्य भी कर दिया, जिससे पूरे राज्य में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग व सामान्य वर्ग की सीटों पर गंभीर विसंगतियां भी उत्पन्न हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग ने अब तक आम जनता को मतदाता सूची उपलब्ध ही नहीं कराई, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह भी लग रहा है।
मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी: यशपाल आर्य
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि
मतदाता सूची में बड़े स्तर पर दोहरे नाम व स्थान परिवर्तन जैसी गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही हुए नगर निकाय चुनाव में जिन लोगों ने नगरीय मतदाता के रूप में मतदान भी किया था, उन्हें अब पंचायत चुनाव का मतदाता बना दिया गया है, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग भी की।
आरक्षण की अंतरिम सूची में अनियमितता: गणेश गोदियाल
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि
सरकार ने आरक्षण की अंतरिम सूची बिना किसी सार्वजनिक आपत्तियों को शामिल किए जारी की और बाद में एक नई सूची प्रकाशित कर दी, जिस पर जनता से कोई आपत्ति तक नहीं मांगी गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ भी बताया।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन थे शामिल?
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग से मिला, जिसमें शामिल थे:
- सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश सह प्रभारी
- सूर्यकांत धस्माना, उपाध्यक्ष संगठन
- विक्रम सिंह नेगी, विधायक
- लखपत बुटोला, विधायक
- ज्योति रौतेला, महिला कांग्रेस अध्यक्ष
- सरदार अमरजीत सिंह, मीडिया सलाहकार
- नवीन जोशी, महासचिव
- गिरिराज किशोर हिंदवाण, प्रदेश प्रवक्ता
- शीशपाल सिंह बिष्ट, मुरारी लाल खंडेलवाल, अखिलेश उनियाल और अश्विनी बहुगुणा
कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि चुनाव में पारदर्शिता नहीं बरती गई तो पार्टी सड़कों से लेकर अदालत तक जनहित में लड़ाई भी लड़ेगी। अब देखना यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग कांग्रेस की शिकायतों पर क्या कदम उठाता है, और क्या राज्य सरकार इन आरोपों का कोई संतोषजनक जवाब भी देती है।




