राष्ट्रीय खेलों में हरिद्वार की बेटियों का दबदबा, हॉकी टीम में 8 खिलाड़ी शामिल
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
राष्ट्रीय खेलों के लिए चयनित उत्तराखंड की महिला हॉकी टीम में हरिद्वार की 8 बेटियों का चयन हुआ है, जो राज्य के लिए मेडल जीतने का दारोमदार निभाएंगी। वंदना कटारिया स्पोर्ट्स स्टेडियम, रोशनाबाद में 4 फरवरी से शुरू हो रही हॉकी प्रतियोगिता में इन बेटियों का योगदान अहम रहने वाला है।
महिला हॉकी टीम में हरिद्वार की 8 खिलाड़ी
हॉकी की महिला टीम में हरिद्वार की 8 खिलाड़ियों का चयन एक बड़ी उपलब्धि है। इनमें कहकशा अली, ज्योति मेहरा, सलोनी पिलखवाल, खुशी कटारिया, मुस्कान कटारिया और श्यामपुर की आरती कलूड़ा और पूजा कलूड़ा भी शामिल हैं। खास बात यह है कि खुशी कटारिया, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया की भतीजी हैं, जबकि मुस्कान कटारिया भी वंदना के गांव की रहने वाली हैं।
रोशनाबाद के हॉकी बालिका छात्रावास की खिलाड़ियों में कहकशा अली, ज्योति मेहरा, सलोनी पिलखवाल का नाम भी शामिल है, वहीं खुशी और मुस्कान कटारिया भी रोशनाबाद से हैं। श्यामपुर की आरती और पूजा कलूड़ा श्रीराम विद्या मंदिर श्यामपुर की छात्राएं हैं। श्रीराम विद्या मंदिर के हॉकी कोच बलविंदर सिंह का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि हरिद्वार की बेटियां राज्य के लिए पदक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन भी करेंगी।
पुरुष टीम में भी हरिद्वार का प्रतिनिधित्व
राष्ट्रीय खेलों के पुरुष हॉकी टीम में हरिद्वार के विशाल कुमार का भी चयन हुआ है। विशाल कुमार, जो गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के छात्र हैं, 18 सदस्यीय टीम का हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशाल के चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दी हैं।
प्रतियोगिता की तारीखें और आयोजन स्थल
यह हॉकी प्रतियोगिता 4 फरवरी से 13 फरवरी तक वंदना कटारिया स्पोर्ट्स स्टेडियम, रोशनाबाद में आयोजित की जाएगी। उत्तराखंड की टीम में कुल 36 खिलाड़ी हैं, जिनमें महिला व पुरुष दोनों वर्गों से 18-18 खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रदेश के हॉकी प्रेमियों की निगाहें टिकी होंगी।
हरिद्वार की इन बेटियों की सफलता राज्य और देश के लिए एक प्रेरणा बनेगी, और उनकी मेहनत और समर्पण को देखकर आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलेगी।




