📍 देहरादून | 15 सितंबर 2025

उत्तराखंड में एक बार फिर प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडराने लगा है।
मौसम विभाग ने सोमवार 15 सितंबर को राज्य के 8 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य 5 जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
तेज बारिश, बिजली गिरने और भूस्खलन की आशंका जताई गई है।

 किन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट?

ऑरेंज अलर्ट (बहुत भारी बारिश का खतरा):

  • गढ़वाल मंडल:

    • देहरादून

    • चमोली

    • पौड़ी गढ़वाल

  • कुमाऊं मंडल:

    • बागेश्वर

    • पिथौरागढ़

    • चंपावत

    • नैनीताल

    • उधम सिंह नगर

येलो अलर्ट

राज्य के बाकी 5 जिलों में येलो अलर्ट लागू है।

 बिजली गिरने और लैंडस्लाइड की आशंका

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि:

  • तेज गरज और चमक के साथ बारिश होगी।

  • संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

  • राष्ट्रीय राजमार्गों और लिंक रोड पर अवरोध पैदा हो सकते हैं।

  • बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

  • बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में।

 बर्फ पिघलने से बाढ़ का खतरा

मौसम विभाग का कहना है कि लगातार भारी बारिश के कारण पहाड़ों पर मौजूद ग्लेशियरों की बर्फ तेजी से पिघल सकती है, जिससे:

  • नदी-नालों में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

  • तटीय कटान और बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

  • नदी किनारे बसे गांवों और बस्तियों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 कब-कब और कहां-कहां होगी बारिश? (15-20 सितंबर तक का पूर्वानुमान)

  • 15 सितंबर:

    • देहरादून, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर में बहुत भारी बारिश

    • अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा

  • 16 सितंबर:

    • देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में अधिकतम बारिश

    • बाकी जिलों में सामान्य वर्षा

  • 17-18 सितंबर:

    • राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा

  • 19-20 सितंबर:

    • समान बारिश पैटर्न जारी रहेगा

    • इसके बाद मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना है

 प्रशासन की तैयारी और अपील

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिला प्रशासन ने:

  • सभी संवेदनशील क्षेत्रों में SDRF और पुलिस टीमों को अलर्ट पर रखा है

  • यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि

    • अनावश्यक यात्रा से बचें

    • नदियों और नालों के किनारे न जाएं

    • मौसम अपडेट और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान अक्सर हादसे होते हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।