परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। 1 सितंबर तक निगम की कुल देनदारियां 150 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी हैं। डीजल का 8.30 करोड़ और स्पेयर पार्ट्स का करीब 7.50 करोड़ रुपये बकाया है।
वहीं, अनुबंधित बस संचालकों को मई 2026 से भुगतान नहीं हुआ है और उनका करीब 22 करोड़ रुपये बकाया है। रोडवेज के करीब 5 हजार कर्मचारी जुलाई और अगस्त का 26 करोड़ रुपये वेतन मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की 18 करोड़ रुपये ग्रेच्युटी और 9 करोड़ रुपये लीव इनकैशमेंट भी लंबित है।
बुजुर्गों समेत अन्य श्रेणियों को दी जाने वाली निशुल्क यात्रा की अप्रैल से करीब 18 करोड़ रुपये प्रतिपूर्ति नहीं मिली है। वहीं, दो कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराई गई बसों का करीब पौने 3 करोड़ रुपये भुगतान भी बाकी है।
रोडवेज प्रबंधन को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने से आय में सुधार होगा। रक्षाबंधन पर भी आय में सुधार देखने को मिला था। महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह के मुताबिक, शासन को प्रतिपूर्ति का बिल भेजा जा चुका है और राशि मिलने पर निगम की आर्थिक स्थिति में काफी राहत मिल सकती है।
