टनकपुर से रवाना हुआ कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 का पहला जत्था, मुख्यमंत्री धामी ने दिखाई हरी झंडी
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खटीमा/टनकपुर। करीब 5 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 का पहला जत्था आज शनिवार सुबह उत्तराखंड के टनकपुर टीआरसी (ट्रांजिट रूट कैंप) से रवाना भी हुआ। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर उन्हें अगली मंजिल की ओर रवाना भी किया। इससे पहले शुक्रवार शाम को सीएम धामी ने टनकपुर पहुंचकर तीर्थयात्रियों का स्वागत व संवाद भी किया।
यात्रियों से संवाद, सुविधाओं का भरोसा
सीएम धामी ने तीर्थयात्रियों से यात्रा सुविधाओं को लेकर संवाद करते हुए कहा कि सरकार हरसंभव प्रयास भी कर रही है कि यह यात्रा सुलभ, सरल व सुरक्षित हो। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम भी किए गए हैं।
पहली बार टनकपुर से शुरू हुई यात्रा
गौरतलब है कि यह पहली बार है जब कैलाश मानसरोवर यात्रा टनकपुर-चंपावत रूट से संचालित भी की जा रही है। इससे पहले यह यात्रा काठगोदाम मार्ग से ही होती थी। इस बार 45 श्रद्धालुओं का पहला जत्था 4 जुलाई को उत्तराखंड पहुंचा था और शुक्रवार शाम को टनकपुर टीआरसी में रात्रि विश्राम भी किया।
हर साल टनकपुर से ही होगी यात्रा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब से हर साल कैलाश मानसरोवर यात्रा टनकपुर के रास्ते से ही संचालित भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि वापसी में तीर्थयात्रियों को मानस खंड कॉरिडोर के अंतर्गत कुमाऊं के प्रमुख धार्मिक स्थलों—पाताल भुवनेश्वर, चौकोड़ी, जागेश्वर धाम, व कैंची धाम के दर्शन भी कराए जाएंगे।
यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं
यात्रा का संचालन कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) द्वारा भी किया जा रहा है, जो यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं व सुरक्षा उपलब्ध करा रहा है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधा, भोजन, ठहरने की व्यवस्था व गाइड की सुविधा सुनिश्चित भी की गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने जत्थे को शुभकामनाएं देते हुए कहा:
“मैं कामना करता हूं कि सभी यात्री स्वस्थ व सुरक्षित रहकर सफलतापूर्वक यह दिव्य यात्रा पूरी करें। उत्तराखंड सरकार इस ऐतिहासिक यात्रा को भावनात्मक व धार्मिक महत्व के अनुरूप सफल बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध भी है।”




