गढ़वाल विश्वविद्यालय में हंगामा: विद्या परिषद बैठक से छात्र प्रतिनिधियों को बाहर रखने पर भड़के छात्र, आत्मदाह का प्रयास
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श्रीनगर गढ़वाल: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया जब विद्या परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की बैठक में छात्र संघ प्रतिनिधियों को शामिल ही नहीं किया गया। नाराज छात्रों ने कुलपति सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया व विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान हालात उस समय बिगड़ गए जब कुछ छात्र संघ पदाधिकारियों ने आत्मदाह का प्रयास भी किया। उन्होंने पेट्रोल हवा में उछालकर उसमें आग लगा दी, जिससे सचिवालय के बाहर आगजनी की स्थिति भी बन गई। मौके पर मौजूद शिक्षकों व कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश भी की।
छात्रों का आरोप है कि पहले की तरह इस बार भी उन्हें विद्या परिषद की बैठक में आमंत्रित भी किया जाना चाहिए था। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें बैठक की कोई सूचना ही नहीं दी। जब छात्रों को मीटिंग की जानकारी मिली और वे कुलपति कार्यालय पहुंचे, तब तक बैठक ही समाप्त हो चुकी थी, जिससे छात्रों का गुस्सा और भी भड़क गया।
तनाव बढ़ने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा व सीओ श्रीनगर ने छात्रों को शांत कराने की कोशिश की और बीच-बचाव करते हुए कुलपति सचिवालय में वार्ता भी शुरू करवाई।
छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट व महासचिव अनिरुद्ध पुरोहित ने कहा कि छात्र संघ को बैठक से बाहर रखना छात्रों की आवाज़ को दबाने जैसा ही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्रों की मांगों की अनदेखी भी कर रहा है।
छात्रों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- सीयूईटी के स्थान पर विश्वविद्यालय स्तर पर यूईटी या मेरिट बेस्ड प्रवेश भी शुरू किया जाए।
- पीएचडी प्रवेश परीक्षा पूर्व की भांति आयोजित की जाए और नेट की बाध्यता समाप्त की जाए।
- पीएचडी फेलोशिप ₹8,000 से बढ़ाकर ₹20,000 की जाए।
देर शाम तक कुलपति सचिवालय में छात्रों व प्रशासन के बीच वार्ता जारी रही। छात्र नेता लिखित आश्वासन की मांग पर ही अड़े रहे। मौके पर छात्रसंघ उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल, यूआर अनमोल ज़याड़ा, पूर्व अध्यक्ष जसवंत राणा, गौरव मोहन नेगी, पूर्व सचिव देवकांत देवराड़ी, रामप्रकाश, प्रियंका खत्री, व अतुल सती सहित कई छात्र भी मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, जबकि छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और भी उग्र किया जाएगा।




