उत्तराखंड: उदीयमान खिलाड़ी योजना में केवल दमखम का दबदबा, चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
उदीयमान खिलाड़ी योजना पर उठे सवाल, तकनीकी खेलों के प्रतिभाशाली बच्चे हो रहे उपेक्षित
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देहरादून। राज्य की उदीयमान खिलाड़ी योजना के तहत चयन प्रक्रिया को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं। योजना में केवल शारीरिक दमखम के आधार पर खिलाड़ियों का चयन भी किया जा रहा है, जिससे टेबल टेनिस व शतरंज जैसे मानसिक और तकनीकी खेलों के प्रतिभाशाली बच्चे योजना के लाभ से वंचित भी हो रहे हैं।
हाल ही में ज्योतिर्मठ से 14 नन्हें टेबल टेनिस खिलाड़ी देहरादून स्थित राष्ट्रीय खेल सचिवालय भी पहुंचे। गले में चमचमाते पदक लटकाए इन बच्चों ने अपने कोच विजय कुमार अग्रवाल के साथ अफसरों से योजना में सुधार की मांग भी रखी। कोच का कहना है कि ये बच्चे अधिकतर किसान परिवारों से हैं और छात्रवृत्ति इनकी बड़ी जरूरत भी है।
पूर्व राष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी देवेंद्र कांडपाल ने खेल विभाग को बताया कि केवल बैटरी टेस्ट यानी शारीरिक क्षमताओं के आधार पर चयन होना तकनीकी खेलों के साथ अन्याय भी है।
इस पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा ने कहा कि, “भारतीय खेल प्राधिकरण की गाइडलाइन के तहत चयन हो रहा है, लेकिन इंडोर खेलों के खिलाड़ियों की छात्रवृत्ति की मांग पर विचार किया जाएगा।”
अब देखना होगा कि तकनीकी खेलों को भी समान अवसर देने की दिशा में विभाग कोई ठोस कदम उठाता है या फिर नहीं।




