उत्तरकाशी आपदा: धराली में प्लान-B के तहत युद्धस्तर पर राहत कार्य, हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू टीमें भेजीं जा रही हैं
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
उत्तरकाशी शुभम कोठारी – उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में भारी बारिश व भूस्खलन के बाद हालात गंभीर ही बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों से ज्यादा समय से युद्धस्तर पर राहत व बचाव अभियान जारी ही है। लेकिन, धराली तक सड़क मार्ग पूरी तरह से टूट जाने के कारण अब प्लान-B के तहत रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम भी दिया जा रहा है।
सड़कें बर्बाद, प्लान-B पर अमल
धराली तक पहुंचने वाले अधिकांश मार्ग भारी बारिश से वॉशआउट भी हो चुके हैं। भटवाड़ी के बाद गंगनानी तक 2 स्थानों पर सड़कें पूरी तरह से बह ही चुकी हैं, और भागीरथी नदी पर बना पुल भी टूट गया है। इससे इलाके की सड़क कनेक्टिविटी लगभग समाप्त ही हो गई है। जिला प्रशासन ने तमाम बाधाओं के बावजूद भटवाड़ी तक सड़क मार्ग खोलने में सफलता भी पाई है, लेकिन उसके आगे रास्ते पूरी तरह से बंद हैं।
अब रेस्क्यू फोर्सेज को भटवाड़ी तक सड़क मार्ग से लाया भी जा रहा है, और वहां से हेलिकॉप्टरों के जरिए उन्हें धराली के ग्राउंड ज़ीरो तक एयरलिफ्ट भी किया जा रहा है। उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) की मदद से छोटे-छोटे शटल उड़ानों के जरिए राहत टीमें और जरूरी सामग्री घटनास्थल पर पहुंचाई भी जा रही हैं।
सड़क मार्ग बाधित होने के कारण रेस्क्यू टीमें लंबे समय से ही रुकी हुई थीं। अब हेलिकॉप्टरों की मदद से एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल तक पहुंचाई जा रही हैं। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर अश्विनी पुरोहित ने बताया कि टीम अभी तक मौके तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई है, और असली रेस्क्यू ऑपरेशन तभी शुरू होगा जब टीमें मौके पर तैनात भी हो सकेंगी।
हाई-फ्लाई मोड में हर्षिल वैली, हेलिकॉप्टरों पर निर्भर राहत कार्य
धराली की ओर सभी संपर्क मार्ग बंद होने के कारण पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन अब हवाई सेवाओं पर ही आधारित हो गया है। उत्तराखंड सिविल एविएशन की भूमिका अब इस संकट की घड़ी में अत्यंत महत्वपूर्ण भी हो गई है।
अब तक कई घायल निकाले गए
उत्तराखंड सिविल एविएशन के सीईओ आशीष चौहान ने जानकारी दी कि अब तक आधा दर्जन घायलों को हेलीकॉप्टर से निकाला भी गया है। एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की फंसी हुई टीमों को भी हवाई मार्ग से धराली में पहुंचाया जा रहा है। मौसम खुलते ही राहत कार्यों में तेजी आई है, और हेलिकॉप्टरों की उड़ानें लगातार ही जारी हैं।
प्रशासन की दिनभर की मेहनत
दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने सड़क मार्ग खोलने के लिए दिनभर कड़ी मेहनत की, लेकिन भारी नुकसान के चलते अब हवाई सेवा ही एकमात्र विकल्प ही बचा है। रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए हर विभाग अपनी ओर से पूरी ताकत भी झोंक रहा है।




