चारधाम यात्रा: अब तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच, 29 को यात्रा से रोका गया
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देहरादून। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व स्वास्थ्य को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि अब तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग भी की जा चुकी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर इस बार यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को त्रिस्तरीय स्तर पर सशक्त भी बनाया गया है।
डॉ. कुमार ने बताया कि
यात्रा में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, हृदय व सांस रोगी और पहली बार पहाड़ों में आने वाले श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। इन परिस्थितियों में उन्हें ठंड व ऑक्सीजन की कमी जैसे जोखिमों से बचाना भी जरूरी है।
49 स्थायी स्वास्थ्य केंद्र और 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट
रुद्रप्रयाग, चमोली व उत्तरकाशी जिलों में 49 स्थायी स्वास्थ्य केंद्र व 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) सक्रिय भी किए गए हैं। इसके अलावा हरिद्वार, देहरादून, टिहरी व पौड़ी में भी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं। 57 स्क्रीनिंग कियोस्क विभिन्न स्थानों पर लगाए गए हैं।
केदारनाथ में 17 बेड का नया अस्पताल
केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए 17 बेड का अस्पताल भी शुरू किया गया है। यात्रा मार्गों पर 31 विशेषज्ञ डॉक्टर, 200 मेडिकल ऑफिसर, और 381 पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती भी की गई है।
29 श्रद्धालुओं को आगे यात्रा से रोका गया
अब तक की गई स्क्रीनिंग में 29 श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य जोखिम के चलते यात्रा न करने की सलाह भी दी गई है। वहीं, 369 लोगों को एंबुलेंस व 33 को हेली एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए रेफर भी किया गया।
ई-स्वास्थ्यधाम पोर्टल से निगरानी
यात्रा में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की डिजिटल निगरानी के लिए “ई-स्वास्थ्यधाम” पोर्टल का उपयोग भी हो रहा है। चारधाम जिलों को 50 टैबलेट दिए गए हैं, जिनसे स्क्रीनिंग व इलाज का डेटा संकलित भी किया जा रहा है। 154 एंबुलेंस यात्रा मार्ग पर लगातार तैनात हैं।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि
श्रद्धालुओं की श्रद्धा व सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास भी किए जा रहे हैं।




