आईवीएफ उपचार के लिए महिलाओं की आयुसीमा बढ़ेगी, सरकार लाएगी नया प्रस्ताव
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
देहरादून। उत्तराखंड में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक से मातृत्व सुख पाने की राह अब आसान होने जा रही है। राज्य सरकार अब महिलाओं के लिए IVF उपचार की अधिकतम आयुसीमा 39 से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की तैयारी में भी है। वहीं, उपचार में सहयोग देने वाले पुरुषों की आयुसीमा को 55 वर्ष तक करने का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, भले ही राज्य के सरकारी अस्पतालों में पहले से ही 50 वर्ष तक की महिलाओं का IVF उपचार भी किया जा रहा है, लेकिन विभागीय दस्तावेजों में अभी तक यह संशोधित आयुसीमा दर्ज ही नहीं हो पाई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि कई महिला कर्मचारियों को इलाज के लिए प्रतिपूर्ति (रिफंड) ही नहीं मिल पा रहा थी।
राज्य सरकार वर्तमान में केंद्र के IVF गाइडलाइंस के अनुसार उपचार भी करवा रही है, और सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध भी है। लेकिन प्रतिपूर्ति नियमावली वर्ष 2012 की है, जिसमें महिलाओं की अधिकतम आयु 39 वर्ष व पुरुषों की 50 वर्ष निर्धारित की गई है।
हाल ही में वित्त विभाग ने 39 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के IVF इलाज के प्रतिपूर्ति दावों पर आपत्ति भी जताई थी। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब नियमों में संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि
नई आयुसीमा को लेकर प्रस्ताव भी तैयार किया जा चुका है, जिसे जल्द ही राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत भी किया जाएगा।




