उत्तराखंड सहकारिता विभाग का बड़ा लक्ष्य: 2025 तक टर्नओवर 500 करोड़ से बढ़ाकर 3000 करोड़ करने की योजना
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत कई नई योजनाएं लागू, महिला समूहों और गरीब छात्रों को भी मिलेगा सीधा लाभ
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देहरादून। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किए जाने के बाद, देशभर में सहकारिता को मजबूत बनाने के प्रयास तेज़ हो गए हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड सहकारिता विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने सालाना टर्नओवर को 500 करोड़ से बढ़ाकर 3000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य तय किया है।
गुरुवार को देहरादून में आयोजित सहकारी सम्मेलन में यह जानकारी सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी। इस सम्मेलन में गढ़वाल मंडल की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
सहकारिता विभाग की नई योजनाएं और पहल
सम्मेलन में सहकारिता विभाग ने कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की, जिनमें निम्न शामिल हैं:
महिला स्वयं सहायता समूहों को अब 10 लाख तक लोन
अब तक 5 लाख रुपये तक सीमित लोन की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। यह कदम “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं को मजबूती देगा।
गरीब और बीपीएल छात्रों के लिए सस्ता एजुकेशन लोन
एमबीबीएस, रिसर्च और पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले गरीब और अंत्योदय वर्ग के बच्चों को अब सस्ती दरों पर एजुकेशन लोन मिलेगा।
बिना गारंटी लोन की सुविधा
महिलाओं को अब 21,000 रुपये तक का लोन बिना किसी गारंटर के मिलेगा, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
बुजुर्गों के लिए भारत दर्शन लोन योजना
जो वरिष्ठ नागरिक आर्थिक कारणों से भारत दर्शन नहीं कर पाते, उन्हें अब सहकारिता समूहों के माध्यम से कम ब्याज पर लोन दिया जाएगा।
नई व्यावसायिक पहलें: मिनरल वॉटर से लेकर बायो फर्टिलाइजर तक
सहकारिता विभाग अपनी आय बढ़ाने के लिए बाजार में चार नए उत्पाद उतारने की योजना बना रहा है:
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मिनरल वॉटर
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होम सैनिटेशन प्रोडक्ट्स
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पीओएस (Point of Sale) मशीन
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बायो फर्टिलाइज़र
इन उत्पादों के माध्यम से न केवल सहकारिता की आय बढ़ेगी, बल्कि आम जनता और किसान दोनों को लाभ मिलेगा।
हर जिले में लगेगा 7-7 दिन का कोऑपरेटिव मेला
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के तहत 3 अक्टूबर से 30 दिसंबर तक हर जिले में 7-दिन का कोऑपरेटिव मेला आयोजित किया जाएगा। ये मेले आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे लक्ष्यों पर केंद्रित होंगे।
छोटे कारोबारियों के लिए भी आसान लोन सुविधा
सहकारिता मंत्री ने बताया कि छोटे कारोबारियों को दिए जाने वाले लोन को और अधिक सरल और सुगम बनाया जाएगा, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
उत्तराखंड सहकारिता विभाग की ये योजनाएं राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। खासतौर पर महिलाओं, किसानों, गरीब छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई योजनाएं उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सामर्थ्य रखती हैं।




