टिहरी झील प्रभावितों ने THDC से पुनर्वास कार्य हटाने की उठाई मांग, आंदोलन की चेतावनी
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-includes/formatting.php on line 4740
टिहरी गढ़वाल: टिहरी झील के आसपास रहने वाले प्रभावित व विस्थापित गांवों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मंगलवार को पुनर्वास कार्य टीएचडीसी से हटाने की मांग को लेकर पुनर्वास निदेशक/जिलाधिकारी टिहरी को ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पुनर्वास कार्य टीएचडीसी से नहीं हटाया गया, तो टिहरी झील क्षेत्र के प्रभावित परिवार डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर भी बैठेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास कार्य पूर्व की तरह सिंचाई विभाग को सौंपा भी जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, तब पुनर्वास का दायित्व सिंचाई विभाग से हटाकर टीएचडीसी को देना नियमों के विपरीत भी है। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा 26 दिसंबर 2024 को जारी पत्र में पुनर्वास कार्य सिंचाई विभाग के पास यथावत रखने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद आदेशों की अवहेलना करते हुए यह कार्य टीएचडीसी को भी सौंप दिया गया।
ग्रामीणों ने यह भी तर्क दिया कि हनुमंत राव समिति की संस्तुतियों, भारत सरकार की गाइडलाइंस व पुनर्वास नीति के अनुसार पुनर्वास राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जबकि टीएचडीसी केवल फंड की व्यवस्था करने वाली निर्माण एवं लाभार्थी कंपनी भी है। इसी कारण विस्थापित परिवार टीएचडीसी द्वारा पुनर्वास कार्य किए जाने का विरोध भी कर रहे हैं।
ज्ञापन लेने के बाद मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि इस विषय पर जिलाधिकारी और पुनर्वास निदेशक से चर्चा की जाएगी और शासन को पत्र भेजकर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का प्रयास भी किया जाएगा।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-includes/formatting.php on line 4740



