राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने वन अग्नि प्रबंधन और सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण पर उठाए अहम सवाल
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राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने संसद के सत्र में कई अहम मुद्दों को उठाया। उन्होंने वन अग्नि प्रबंधन परियोजना और सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण से जुड़े सवाल उठाए, जो उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण हैं।
वन अग्नि प्रबंधन परियोजना पर सवाल:
भट्ट ने प्रश्न संख्या 1644 के तहत पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से वन अग्नि प्रबंधन परियोजना के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि उत्तराखंड में वन अग्नि घटनाओं के लिए केन्द्र सरकार ने क्या प्रावधान किए हैं। इसके जवाब में राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने बताया कि 2017-18 से प्रारंभ की गई वनाग्नि निवारण और प्रबंधन योजना के तहत उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों को वित्तीय सहायता दी जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत संचार, सूचना प्रौद्योगिकी, अग्नि सुरक्षा प्रहरियों की नियुक्ति, जल संरचनाओं का निर्माण, और अग्निशमन उपकरणों की खरीद जैसी विभिन्न पहल की जा रही हैं।
सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण पर सवाल:
महेंद्र भट्ट ने प्रश्न संख्या 1452 के तहत सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में क्या कदम उठाए हैं। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जवाब में बताया कि भारत सरकार ने ₹2,516 करोड़ के वित्तीय परिव्यय से कार्यशील पैक्स के कंप्यूटरीकरण की परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत पैक्स को एक राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म पर लाकर उन्हें कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के साथ जोड़ा जा रहा है। अब तक उत्तराखंड में 670 चयनित पैक्स में से 185 को इस सॉफ्टवेयर पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है और 1,42,746 कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया है।
घरेलू कामगारों के मुद्दे पर सवाल:
इसके अतिरिक्त, उन्होंने श्रम और रोजगार मंत्रालय से घरेलू कामगारों की समस्याओं से संबंधित प्रश्न संख्या 160 के तहत मुद्दे उठाए, ताकि उनके अधिकारों की रक्षा की जा सके।
महेंद्र भट्ट के इन सवालों ने उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में सुधार की दिशा में सरकार के प्रयासों को और स्पष्ट किया है।




