यह क्या हो गया? देहरादून के दो परिवारों में रह रहे 122 मतदाता, जानकर हैरान रह जाएंगे आप!
सतेली गांव में मतदाताओं की संख्या में हुआ आश्चर्यजनक इज़ाफा, जांच की मांग
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डोईवाला विधानसभा और तहसील क्षेत्र का सबसे दुरुस्त गांव सतेली आजकल सुर्खियों में है। पलायन के कारण इस गांव में केवल दो ही परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद यहाँ मतदाताओं की संख्या पिछले ग्राम पंचायत चुनाव से भी अधिक हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि जहां सिर्फ दो परिवार रहते हैं, वहां 122 मतदाता कैसे हो सकते हैं? इस मामले को लेकर रायपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत नाहीकला के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग भी की है।
पिछले पंचायत चुनाव में थे 78 मतदाता
स्थानीय निवासी अनुज सिंह का कहना है कि गांव में केवल दो परिवार रहते हैं, जबकि पिछले पंचायत चुनाव में सतेली गांव में 78 मतदाता थे। लेकिन वर्तमान चुनाव सूची में यहाँ 122 मतदाता दिखाए गए हैं, जो एक अजीबोगरीब बढ़ोतरी है और इसकी जांच भी होनी चाहिए।
ग्रामीण भूपेंद्र सिंह मनवाल का आरोप है कि पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से मिलीभगत कर दूसरे गांवों के निवासियों के नाम इस बूथ पर दर्ज भी कराए गए हैं। महिपाल सिंह कृषाली ने बताया कि पिछली बार सतेली गांव में 78 मतदाता थे, जबकि पूरे नाहीकला पंचायत में कुल 191 मतदाता थे। अब, नए आंकड़ों के मुताबिक, नाहीकला में 123 और सतेली में 122 मतदाता दर्ज हैं, जिससे पंचायत में कुल 245 मतदाता दिखाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे फर्जी मतदाताओं के जरिये सरकारी योजनाओं में घपला भी हो सकता है।
फर्जीवाड़े के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने रिश्तेदारों को आंगनबाड़ी केंद्र में नियुक्ति दिलवाकर बीएलओ नियुक्त किया, जिसके जरिए ये फर्जी मतदाता बनाए गए हैं। सतेली गांव एक दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्र है, जहां पलायन के चलते प्राथमिक विद्यालय पहले ही बंद हो चुका है। यहां केवल 2-3 बच्चे ही जूनियर हाई स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्र भी करीब 15 किलोमीटर दूर थानों के तलाई में संचालित हो रहा है। गांव में 4-5 घर ही बचे हैं, बाकी सभी घर जीर्ण-शीर्ण और खंडहर में तब्दील हो गए हैं।
जिलाधिकारी से जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस मामले की जांच करने की मांग की है। शिकायत पत्र में खजनी देवी, रूकमणि देवी, दीपक, सुमित, विक्रम सिंह, शमशेर सिंह, सुशीला देवी, विवेक, गुड्डी देवी, सत्येंद्र सिंह, अभिषेक, मनोज सिंह, पार्वती देवी, धर्मवीर सिंह, दीपक, किरण देवी, महेंद्र सिंह, कुलदीप, देवी सिंह, अरविंद, मुकेश रावत व नेहा रावत सहित कई ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए हैं।
जांच के आदेश दिए गए हैं
रायपुर प्रखंड की एडीओ पंचायत, सुरुचि मेनाली ने कहा कि उन्हें शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है और जांच के आदेश दिए गए हैं। इस पर जांच जारी है। जब उनसे सतेली गांव में मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बारे में पूछा गया, तो उनका कहना था कि उनके पास 40 से अधिक पंचायत की जिम्मेदारी है, इसलिए उन्हें सतेली गांव में कितने मतदाता बढ़े हैं, इसकी जानकारी ही नहीं है।
यह मामला प्रशासन की गहरी जांच का विषय बन गया है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई भी की जाएगी।




