धारी देवी मंदिर में प्रशासन का सुरक्षा निरीक्षण, हरिद्वार भगदड़ हादसे के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
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श्रीनगर (गढ़वाल): हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हाल ही में हुई भीषण भगदड़ की घटना के बाद प्रदेशभर के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इसी क्रम में श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने गहन निरीक्षण भी किया।
मंदिर परिसर में सुरक्षा मूल्यांकन:
निरीक्षण टीम ने मंदिर परिसर की संरचनात्मक स्थिति, विद्युत व्यवस्था, अतिक्रमण व श्रद्धालुओं की आवाजाही से जुड़ी संभावित खतरनाक स्थितियों का जायजा भी लिया। उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा के निर्देश पर प्रभारी तहसीलदार दीपक भंडारी, कोतवाली प्रभारी जयपाल सिंह नेगी, विद्युत विभाग के एसडीओ सचिन सचदेवा, मंदिर न्यास के प्रतिनिधि व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
सामने आए सुझाव और चिंताएं:
निरीक्षण के दौरान कुछ अहम सुझाव सामने आए—जैसे मंदिर पहुंच मार्ग की पुलिया पर अतिरिक्त सुरक्षा गेट की जरूरत, अतिक्रमण को हटाने, लटकती विद्युत लाइनों को ठीक करने व बोटिंग गतिविधियों पर नियंत्रण के सुझाव भी दिए गए।
सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र:
प्रशासन ने मंदिर तक जाने वाली पुलिया के शुरुआती छोर पर स्थित खाली भूमि को संभावित सुरक्षा खतरा मानते हुए वहां आवश्यक कदम उठाने की सिफारिश भी की है। जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भी सौंपी जाएगी।
पुजारी ने उठाई संपर्क मार्ग की सुरक्षा पर चिंता:
मंदिर के पुजारी मनीष देव पांडेय ने बताया कि
राजमार्ग से मंदिर तक जाने वाला संपर्क मार्ग—जो विशेष रूप से दिव्यांग, बुजुर्गों व वीआईपी आगंतुकों के लिए बनाया गया था—अब आम लोगों के लिए खुला है। लेकिन यह मार्ग न तो आरटीओ पासिंग में है, न ही इस पर सुरक्षा के लिए कोई क्रैश बैरियर या पैराफिट भी लगे हैं। नीचे गहरी अलकनंदा नदी बहती है, और क्षेत्र भूस्खलन व बोल्डर गिरने की आशंका से भी जूझता है।
प्रशासन से की गई मांग:
मंदिर समिति ने प्रशासन से अनुरोध भी किया है कि या तो इस मार्ग को पूर्ण रूप से बंद किया जाए, या फिर सुरक्षा उपायों के साथ आम जनता के लिए मान्यता प्राप्त रास्ता भी बनाया जाए।
पृष्ठभूमि में मनसा देवी हादसा:
गौरतलब है कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़ की एक बड़ी घटना में 8 श्रद्धालुओं की मौत व 30 से अधिक घायल हो गए थे। इसी के बाद प्रदेश सरकार ने सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का निर्देश भी दिया है।




