उत्तराखंड

खतरे में धारी देवी मंदिर! अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा हाई अलर्ट जारी

उत्तराखंड में बादल फटा, अलकनंदा उफान पर – धारी देवी मंदिर तक पहुँचा पानी

देहरादून। उत्तराखंड में रविवार सुबह से ही मौसम ने कहर बरपाना भी शुरू कर दिया है। रुद्रप्रयाग, चमोली व टिहरी गढ़वाल जिलों में अतिवृष्टि से हालात बिगड़ गए हैं। रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही भी हुई है। इस बीच अलकनंदा नदी भी विकराल रूप में ही बह रही है।

धारी देवी मंदिर के पास तक पहुँचा पानी

अलकनंदा के उफान ने लोगों की चिंता और भी बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि धारी देवी मंदिर तक नदी का पानी पहुँच भी गया है। मंदिर परिसर के पास लगी दुकानें भी जलमग्न भी हो गई हैं। दृश्य इतना भयावह है कि लोगों को 2013 की केदारनाथ आपदा की याद भी ताजा हो गई।

हाईवे पर भी असर

सिरोबगड़ से लगभग 800 मीटर आगे गोवा ब्रिज के पास अलकनंदा का जलस्तर इतना बढ़ गया कि पानी हाईवे तक भी पहुँच गया और यातायात भी बाधित हो गया। वहीं धारी देवी मंदिर के आसपास नदी और भी ज्यादा उफान पर दिखाई दे रही है।

प्रशासन सतर्क

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी तटवर्ती इलाकों के लोगों को सतर्क रहने व सावधानियां बरतने की अपील की है। कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया गया है और पुलिस व आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर ही हैं।

धारी देवी की मान्यता

धारी देवी को चारधाम की रक्षक देवी भी माना जाता है। कहा जाता है कि देवी की मूर्ति दिन में 3 बार स्वरूप बदलती है। 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद धारी देवी मंदिर की मान्यता और भी बढ़ गई थी। श्रद्धालुओं का मानना है कि मंदिर से छेड़छाड़ करने के बाद ही वह भीषण त्रासदी भी आई थी। तभी से हर वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है।

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