साइबर सुरक्षा पर आईटीडीए की कार्यशाला, अधिकारियों को मिली नई तकनीकों की जानकारी
आईटीडीए द्वारा “साइबर अपराधों की नवीन प्रवृत्तियाँ” विषय पर कार्यशाला आयोजित, राज्य सरकार के अधिकारियों में साइबर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम पहल
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देहरादून: सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (ITDA), उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के अधिकारियों के लिए आज शुक्रवार को एक दिवसीय कार्यशाला “साइबर अपराधों की नवीन प्रवृत्तियाँ” विषय पर आयोजित भी की गई। कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना व अधिकारियों को नवीन साइबर खतरों से अवगत कराना था।
कार्यशाला का आयोजन सीएसआई सभागार, देहरादून में भौतिक रूप से और राज्य के 50 से अधिक कार्यालयों में वर्चुअल माध्यम (Zoom) से ही किया गया। इस दौरान 125 से अधिक अधिकारी सभागार में उपस्थित भी रहे।
कार्यशाला सचिव आईटी नितेश झा के निर्देशानुसार आयोजित की गई, जिन्होंने कहा कि “राज्य सरकार के कार्यालयों में साइबर हाइजीन व जागरूकता को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। ऐसी कार्यशालाएं न सिर्फ जागरूकता बढ़ाती हैं, बल्कि साइबर सुरक्षा को व्यवहारिक रूप में लागू करने में सहायक होती हैं।”
कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने साइबर हमलों की चुनौतियों और उससे निपटने की रणनीतियों पर प्रकाश भी डाला। तीरथ पाल सिंह, अपर निदेशक, आईटीडीए ने कार्यशाला की रूपरेखा व उद्देश्य पर प्रस्तुति दी।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता रहे साइबर विशेषज्ञ और उत्तर प्रदेश पुलिस के सलाहकार राहुल मिश्रा। उन्होंने साइबर अपराधों की बदलती प्रवृत्तियों, देशभर में सामने आ रही नई-नई केस स्टडीज व उनसे निपटने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से चर्चा भी की।
इसके अतिरिक्त CERT-UK की टीम — आशीष उपाध्याय (AGM साइबर सुरक्षा, आईटीडीए), शिवम, रजत और ऋषभ ने राज्य में चल रही साइबर सुरक्षा पहलों, आईटी प्रणालियों की सुरक्षा व साइबर अनुपालन से संबंधित तकनीकी जानकारी भी साझा की।
कार्यशाला का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र व फीडबैक सेशन के साथ हुआ, जिसमें अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी अपनी जिज्ञासाएं रखीं और व्यावहारिक समाधान भी प्राप्त किए।




