पिथौरागढ़ में पहाड़ी दरकने से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग बाधित, सैकड़ों यात्री फंसे
ऐलागाड़ और कुलागाड़ के बीच गिरी विशाल चट्टान, बीआरओ कर रहा मार्ग बहाली का कार्य
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में सोमवार देर रात पहाड़ी दरकने से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पूरी तरह बाधित भी हो गया। ऐलागाड़ व कुलागाड़ के बीच एक विशालकाय चट्टान सड़क पर आ गिरने से वाहनों की आवाजाही भी बंद हो गई है, जिससे सैकड़ों श्रद्धालु व पर्यटक मार्ग में फंसे हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रभावित यात्रियों में आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए जा रहे व लौट रहे लोग भी शामिल हैं। इन श्रद्धालुओं को अब भोजन, पानी व विश्राम जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना भी करना पड़ रहा है।
बीआरओ ने शुरू किया सड़क खोलने का कार्य
सीमा सड़क संगठन (BRO) ने राहत कार्य भी शुरू कर दिया है। बोल्डर और मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी मौके पर भेजी गई है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि देर शाम तक मार्ग बहाल भी कर दिया जाएगा।
प्रशासन अलर्ट पर
धारचूला के उप जिलाधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि, “मार्ग पर भारी चट्टानें व मलबा गिरा है। बीआरओ की टीम लगातार काम भी कर रही है। अगर मौसम सहयोग करता रहा तो आज शाम तक रास्ता वाहनों के लिए खोल भी दिया जाएगा।”
यात्रियों से की गई संयम बरतने की अपील
प्रशासन ने फंसे यात्रियों से संयम बरतने व प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील भी की है। स्थानीय प्रशासन द्वारा प्राथमिक राहत पहुंचाने की कोशिशें भी की जा रही हैं।
मानसरोवर यात्रा पर असर
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर बार-बार भूस्खलन की घटनाएं यात्रा में बाधा भी बन रही हैं। मानसूनी सीजन की शुरुआत से पहले आई इस आपदा ने एक बार फिर इस संवेदनशील मार्ग की स्थायित्व व सुरक्षा पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।




