ग्रामीण उद्यमिता को मिला बढ़ावा, विभाग को इन विषयों की जानकारी देने के दिए गए निर्देश
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मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) के तहत प्रदेश में स्थापित कलेक्शन सेंटरों की उपयोगिता पर ग्राम्य विकास विभाग से रिपोर्ट तलब की है। जिसमें विभाग को कलेक्शन सेंटरों की लोकेशन मैपिंग, संचालन की स्थिति और वर्तमान उपयोगिता की जानकारी देने के निर्देश दिए। चालू वित्तीय वर्ष में 131 कलेक्शन सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा है।
बीते बुधवार को सचिवालय में मुख्य सचिव ने उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना की समीक्षा की। सीएस ने कहा, कृषि विभाग के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में मोटे अनाजों व प्रमाणित बीजों के उत्पादन 400 उद्यमी तैयार किए जाएंगे। उन्होंने विभाग को निर्धारित लक्ष्य को समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
वहीं, तेजपत्ता के दोहन व मूल्य संवर्धन के लिए भीमताल व ओखलकांडा ब्लॉक में 500 उद्यमी तैयार किए जाएं। भेड़ बकरी पालन और मूल्य शृंखला उत्पाद विकास के लिए 728 उद्यमी, दून सिल्क धरोहर संरक्षण के लिए 300 उद्यमी, मुर्गीपालन यूनिट के लिए 503 उद्यमी, मशरूम व बर्मी कंपोस्ट उत्पादन के लिए 402 उद्यमी तैयार किए जाएंगे।
बैठक में परियोजना के तहत स्थानीय महिलाओं को घरेलू पशुओं के उपचार के लिए स्वास्थ्य कर्मी के रूप में प्रशिक्षित करते हुए 2400 पशु सखी किट वितरित करने को मंजूरी दी। महिलाओं पर काम का बोझ कम करने के लिए दो हजार ग्राम संगठनों को राष्ट्रीय निविदा के माध्यम से छोटे व उन्नत कृषि, उद्यान यंत्रों के वितरण की अनुमति दी गई। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि कृषि यंत्रों के वितरण से महिलाओं पर कितना काम का बोझ कम हुआ है, इस पर अध्ययन रिपोर्ट तैयार की जाए।




