परिवहन निगम को 30 नवंबर तक मिलेंगी 100 नई बसें, अर्धकुंभ के लिए 700 बसों की डिमांड
उत्तराखंड परिवहन निगम अपने बेड़े को मजबूत करने व यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए तेजी से कदम भी बढ़ा रहा है। इसी क्रम में निगम को 30 नवंबर तक बीएस-6 मॉडल की 100 नई बसें भी मिलने जा रही हैं। इन बसों की खरीद की प्रक्रिया पिछले वर्ष से ही चल रही थी।
हालांकि 100 बसें मिलने के बाद भी बसों की संख्या जरूरत के मुकाबले कम भी रहेगी, क्योंकि हर वर्ष बड़ी संख्या में पुरानी बसें कंडम होकर बेड़े से बाहर भी हो जाती हैं। इसकी भरपाई के लिए परिवहन विभाग 200 व नई बसों की खरीद का प्रस्ताव तैयार भी कर रहा है, जिसे जल्द शासन को भेजा जाएगा।
अर्धकुंभ 2027 के लिए 1000 नई बसों की मांग
वर्ष 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित अर्द्धकुंभ को देखते हुए परिवहन निगम ने 665 करोड़ रुपये का बजट मांगा है। इसमें शामिल है—
- 10 इलेक्ट्रिक बसें
- 1000 बीएस-6 साधारण बसें
इसमें से 350 करोड़ रुपये अर्धकुंभ निधि से व शेष राशि स्व-वित्तीय और बैंक लोन से जुटाने का प्रस्ताव है। अनुमान है कि अर्धकुंभ के दौरान करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, जिसके लिए अतिरिक्त बसों की आवश्यकता भी होगी।
सूत्रों के अनुसार, कुंभ निधि से निगम को लगभग 700 नई बसें मिलने की उम्मीद भी है। वर्तमान में परिवहन निगम के बेड़े में करीब 850 बसें संचालित भी हो रही हैं।
पुरानी बसें बनी चुनौती, बेड़े के विस्तार पर जोर
परिवहन निगम की सबसे बड़ी चुनौती है—
- पुरानी बसों का कंडम होना
- राजस्व घाटे का लगातार बढ़ना
निगम ने 2016 व 2019 में जो बसें खरीदी थीं, वे 2027 तक अपनी सेवा अवधि पूरी कर लेंगी। इसी कारण बसों की खरीद की प्रक्रिया को तेज भी किया जा रहा है।
नवंबर में ही 100 नई बसें, कुछ AC बसें भी जल्द
निगम की प्रबंध निदेशक रीना जोशी ने बताया कि—
- नवंबर 2024 में ही 130 नई बसें मिली थीं
- इस वर्ष भी 30 नवंबर तक 100 बसें मिल जाएंगी
- अनुबंध आधारित कुछ एसी बसें भी इसी महीने के अंत तक उपलब्ध होंगी
- इसके अतिरिक्त 200 और बसों की खरीद का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है
रीना जोशी ने कहा कि निगम का प्रयास है कि बेड़े में आधुनिक और अच्छी गुणवत्ता वाली बसें शामिल की जाएँ, और पुराने वाहनों को समय-समय पर हटाया भी जाए।
कुल मिलाकर, अगले कुछ महीनों में उत्तराखंड रोडवेज की तस्वीर बदलने की संभावना है, जिससे यात्रियों को बेहतर व आधुनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।




