नई दिल्ली/श्रीनगर – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बायसरन घाटी में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सार्क वीजा छूट नीति के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को दी जा रही सुविधा तत्काल प्रभाव से रद्द भी कर दी है।

सरकारी आदेश के अनुसार, अब कोई भी पाकिस्तानी नागरिक इस नीति के तहत भारत की यात्रा भी नहीं कर सकेगा। वहीं, जो पाकिस्तानी नागरिक पहले से इस छूट के तहत भारत में मौजूद हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का आदेश भी दिया गया है।

सीमा हैदर फिर आईं चर्चा में

इस फैसले के बाद पाकिस्तान की नागरिक सीमा हैदर एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। सीमा, जो मई 2023 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत आई थीं, फिलहाल नोएडा में भारतीय नागरिक सचिन मीणा के साथ रह रही हैं। सोशल मीडिया पर अब उन्हें पाकिस्तान भेजने की मांग भी उठ रही है।

गौरतलब है कि सीमा हैदर की कहानी पहले भी सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में सुर्खियों में रह चुकी है। वह ऑनलाइन गेम PUBG के जरिए सचिन से जुड़ी थीं और दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। सीमा 4 बच्चों के साथ भारत आई थीं और अब वह और सचिन एक साथ रह रहे हैं। हाल ही में दोनों को एक संतान भी हुई है।

क्या सीमा हैदर पर पड़ेगा असर?

सरकारी सूत्रों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सरकार के ताजा फैसले का सीमा हैदर पर फिलहाल कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। इसका कारण यह है कि सीमा वीजा लेकर भारत नहीं आई थीं, बल्कि अवैध रूप से सीमा पार कर आई थीं। उनके खिलाफ मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। जब तक अदालत कोई निर्णय नहीं देती, तब तक उन्हें निर्वासित नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, जेवर कोतवाली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और केंद्र सरकार से कानूनी राय भी ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोई भी निर्णय पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत ही लिया जाएगा।

बायसरन घाटी में हुआ भयावह हमला

पुलवामा हमले के छह साल बाद कश्मीर की धरती एक बार फिर खून से लाल हो गई। बायसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। चश्मदीदों के अनुसार, आतंकियों ने पहले लोगों से उनका धर्म पूछा और फिर गोलियां भी चला दीं। इस बर्बर हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई।

पहलगाम की यह घटना पुलवामा के जख्मों को फिर से हरा कर गई है, जहां 14 फरवरी 2019 को हुए आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। बायसरन घाटी, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, अब सिर्फ आतंक के निशानों से भरी पड़ी है।

यह अब तक का सबसे बड़ा हमला है जिसमें सीधे पर्यटकों को निशाना बनाया गया। इससे पहले मई 2024 में भी 2 अलग-अलग स्थानों पर हमले हुए थे, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में आम नागरिकों को पहले कभी निशाना नहीं बनाया गया था।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम

भारत सरकार का यह निर्णय न सिर्फ पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक रिश्तों को प्रभावित करेगा, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक अहम रणनीतिक कदम भी माना जा रहा है। बढ़ते आतंकी खतरों के मद्देनजर यह फैसला आने वाले दिनों में भारत की विदेश नीति में और सख्ती की ओर इशारा कर सकता है।