मसूरी में शुरू हुआ दो दिवसीय ‘यूपीडब्यूकॉन 2025’, महिला इंजीनियरिंग को नई उड़ान देने की पहल
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मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में शुक्रवार से दो दिवसीय यूपीडब्यूकॉन 2025 (UPBWCON 2025) का शुभारंभ हुआ। उत्तराखंड के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया। यह आयोजन राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) द्वारा आयोजित किया गया है। यूपीडब्यूकॉन 2025 देश का पहला अंतरराष्ट्रीय महिला इंजीनियरिंग सम्मेलन है। इसका उद्देश्य विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और उन्हें सशक्त बनाना है। उद्घाटन समारोह में मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि “यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि नई सोच और नई दिशा का प्रतीक है, जो भारत की नारी शक्ति को विज्ञान और तकनीक के माध्यम से सशक्त बना रहा है।” मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा, “मैंने अपने जीवन में भारतीय सेना में एक सैनिक और अब सरकार में एक जनसेवक के रूप में काम किया है। इन दोनों अनुभवों ने मुझे सिखाया है कि किसी भी राष्ट्र की असली ताकत उसके लोगों में होती है। उस शक्ति का आधा हिस्सा हमारी माताओं, बहनों और बेटियों में निहित है।” उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी हैं — अंतरिक्ष से लेकर सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग से लेकर उद्यमिता तक — महिलाएं अपनी प्रतिभा से देश का नाम रोशन कर रही हैं। गणेश जोशी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं को तकनीकी शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “नारी शक्ति को नई दिशा देने” के विज़न का उल्लेख करते हुए कहा कि “डिजिटल इंडिया मिशन और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है ताकि ग्रामीण महिलाओं को भी तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।” मंत्री ने कहा कि यूपीडब्यूकॉन 2025 जैसे मंच महिलाओं को वैश्विक स्तर पर जुड़ने, विचार साझा करने और नवाचार को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करते हैं। यह सम्मेलन विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में महिला भागीदारी को नई दिशा देने वाला साबित होगा।




