उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र मौजूदा सरकार के कार्यकाल का अंतिम सत्र था। उन्होंने बताया कि इस साल गैरसैंण में विधानसभा के दो सत्र आयोजित किए गए और पिछले पांच वर्षों में यहां सबसे अधिक समय तक विधानसभा सत्र चला है। सत्र के समापन के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और विपक्ष पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। सीएम धामी ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का व्यवहार अराजकता फैलाने वाला है। उन्होंने दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन और कांग्रेस नेतृत्व की गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के युवराज की हताशा साफ दिखाई देती है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की उत्तराखंड के लोगों के प्रति सोच पर भी सवाल उठाए और रामपुर तिराहा कांड का जिक्र करते हुए इसे उत्तराखंड के इतिहास का काला दिन बताया। धामी ने कहा कि अखिलेश यादव ने राज्य आंदोलन के दौरान मिले जख्मों को फिर से कुरेदने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के मामले को लेकर भी उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं से सवाल किया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोग उनकी जाति नहीं जानते। धामी ने आरोप लगाया कि संबंधित घटनाक्रम में शुद्धीकरण के नाम पर उन्मादी नारे लगाए गए और गंदगी फैलाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। साथ ही उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी 2029 में और बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौटेंगे। नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे मंच पर कॉमेडियन को बुला रहे हैं। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की जननी कांग्रेस पार्टी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में कोई घोटाला नहीं हुआ और विधानसभा में किसी छोटे ठेकेदार का मुद्दा उठाना सदन के उद्देश्य के अनुरूप नहीं है। मंत्री रेखा आर्या से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि 22 साल तक साथ रहने के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं हुई और उनके अनुसार विवाद तब सामने आया, जब मंत्री ने अपने पति की गलत बातों को मानने से इनकार कर दिया। सीएम धामी ने राज्य सरकार के फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि मदरसा बोर्ड को हटाकर नया प्राधिकरण बनाया गया और गलत तरीके से संचालित हो रहे 250 से अधिक मदरसों को बंद किया गया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने मदरसा बोर्ड बनाते समय केवल एक समाज को शामिल किया था, जबकि उनकी सरकार ने सभी अल्पसंख्यकों को इसमें शामिल किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कांग्रेस के कार्यकाल की कमियों को दूर करने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने दीपावली के समय आंदोलन किए जाने पर भी सवाल उठाए और राहुल गांधी पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2022 में जनता के सामने रखे गए दृष्टि पत्र के अनुसार सरकार ने अपने फैसले लिए हैं। समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि विपक्ष इसे चुनावी घोषणा बताता था और इस कानून को लेकर लोगों में डर फैलाया गया। उनके मुताबिक, यूसीसी से मुस्लिम महिलाओं को कुरीतियों से आजादी मिली है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से राज्य में कई कानून बनाने की जरूरत पड़ी।