सबसे जरूरतमंद महिलाओं को सशक्त करेगी ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ — रेखा आर्या
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देहरादून — उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित कैबिनेट बैठक में “मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना” को मंजूरी मिलने के बाद महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने इसे राज्य की सबसे जरूरतमंद महिलाओं के लिए एक बड़ा कदम भी बताया है। मंत्री ने प्रदेश की समस्त महिलाओं को इस महत्वपूर्ण निर्णय पर बधाई भी दी।
रेखा आर्या ने जानकारी दी कि इस योजना का उद्देश्य अविवाहित, परित्यक्ता, तलाकशुदा, निराश्रित और विकलांग एकल महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के अंतर्गत ₹2 लाख तक के परियोजनाओं को मान्यता भी दी जाएगी, जिसमें से 75% राशि सरकार द्वारा सब्सिडी (अनुदान) के रूप में दी जाएगी और लाभार्थी को केवल 25% योगदान ही करना होगा।
पहले वर्ष में 2000 महिलाओं को मिलेगा लाभ
मंत्री आर्या ने बताया कि योजना के पहले चरण में कम से कम 2000 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना की प्रगति के आधार पर भविष्य में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय भी लिया जाएगा।
एकल महिलाओं पर केंद्रित पहली विशिष्ट योजना
रेखा आर्या ने कहा, “अब तक प्रदेश में महिलाओं के लिए कई सशक्तिकरण योजनाएं हैं, लेकिन विशेष रूप से एकल महिलाओं के लिए केंद्रित योजना का अभाव भी था।” उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ग की महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सबसे अधिक संकट का सामना भी करती हैं, इसलिए उनके लिए यह योजना एक नई उम्मीद व सहारा साबित होगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल
यह योजना राज्य सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें “अंतिम पंक्ति की सबसे कमजोर महिला” तक विकास का लाभ पहुंचाने की प्राथमिकता है। महिला मंत्री ने विश्वास जताया कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका भी निभाएगी।




