स्थायी निवास प्रमाण पत्रों की जांच के CM धामी के आदेश पर कांग्रेस का हमला, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
देहरादून: उत्तराखंड में पिछले 3 वर्षों में बने स्थायी निवास प्रमाण पत्रों (पीआरसी) की जांच के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जिलाधिकारियों को दिए गए आदेश अब राजनीतिक विवाद का विषय भी बन गए हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार को कठघरे में भी खड़ा किया है।
कांग्रेस का आरोप—“नियमों की अनदेखी कर नागरिकों के हक पर डाका”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि लंबे समय से नियमों का उल्लंघन कर स्थायी निवास प्रमाण पत्र भी जारी किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंडवासियों के अधिकारों का हनन भी हुआ है।
उन्होंने कहा—
“हम लगातार मांग करते रहे कि गलत तरीके से बनाए जा रहे पीआरसी पर रोक भी लगे। अब सरकार खुद जांच के आदेश दे रही है, यह साबित करता है कि हमारी चिंता भी सही थी।”
“सरकार ने खुद ढील दी, अब जिम्मेदारी अफसरों पर थोपना गलत”
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ही नियमों में ढील देकर ऐसे पीआरसी बनवाने का रास्ता भी खुला रखा।
उन्होंने सवाल उठाया—
“जब पिछले साढ़े आठ साल से भाजपा सत्ता में है, तो नियमों में ढील किसने दी? अब मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए अधिकारियों पर दोष भी मढ़ रहे हैं।”
कांग्रेस का कहना है कि यदि अधिकारी दोषी हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई भी हो, लेकिन सरकार और मुख्यमंत्री को भी अपने हिस्से की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
कांग्रेस ने पूछा—“यह सब भाजपा सरकार के समय ही क्यों हुआ?”
गोदियाल ने कहा कि पूरे मामले की पुख्ता जानकारी सामने आने के बाद अब यह साफ है कि सरकार की लापरवाही से बाहरी लोगों को लाभ मिला व स्थानीय नागरिकों के अधिकार प्रभावित भी हुए।
उन्होंने कहा कि—
“धामी सरकार को बताना चाहिए कि भाजपा शासन में ही स्थायी निवास नियमों को कमजोर क्यों किया गया। यह जनता के हितों के साथ खिलवाड़ भी है।”
“जनता देगी भाजपा सरकार को दंड” — गोदियाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि पार्टी पिछले 2 वर्षों से इस मामले पर लगातार आवाज उठा रही थी, और अब जनता पूरी तरह समझ चुकी है कि यह निर्णय देरी से भी लिया गया है।
उनका कहना है—
“धामी सरकार देर से जागी है। आने वाले समय में जनता ही भाजपा को इसका असली दंड भी देगी।”
राज्य में राजनीतिक तापमान गर्म
स्थायी निवास प्रमाण पत्रों की जांच की घोषणा के बाद प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा भी गया है। कांग्रेस इसे सरकार की नाकामी बता रही है, जबकि भाजपा सरकार इसे पारदर्शिता व नियम व्यवस्था बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम भी बता रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति का प्रमुख विषय भी बन सकता है।




