डेढ़ करोड़ के लेनदेन में शामिल इंटरनेशनल साइबर ठगी गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, पाकिस्तान–सऊदी कनेक्शन बेनकाब
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
लक्सर: उत्तराखंड एसटीएफ ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए लक्सर क्षेत्र से गिरोह के एक प्रमुख सदस्य सौरभ ठाकुर को गिरफ्तार भी किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह के बैंक खातों में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है और ठगों के तार पाकिस्तान व सऊदी अरब तक जुड़े हुए हैं। एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर लक्सर कोतवाली पुलिस के हवाले भी कर दिया, जहां से उसे कोर्ट में पेश कर जेल भी भेज दिया गया। फरार साथी आकाश की तलाश भी जारी है।
गांव से संचालित हो रहा था ठगी नेटवर्क
एसटीएफ को जानकारी मिली कि ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए जिन खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था, वे लक्सर कोतवाली क्षेत्र के तिलकपुरी गांव के लोगों के नाम पर संचालित भी हैं। इसके बाद एसटीएफ ने छापेमारी कर सौरभ ठाकुर को गिरफ्तार भी किया।
पूछताछ में सौरभ ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी आकाश के साथ मिलकर विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ठगी की रकम आगे भी भेजता था।
70 लाख से अधिक रकम के लेनदेन के सबूत
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि—
- सौरभ के 12 से अधिक बैंक खातों में करीब 70 लाख रुपये का लेनदेन मिला।
- आकाश के चार खातों में लगभग 14 लाख रुपये का लेनदेन हुआ।
- गांव के अन्य लोगों के खातों में भी ठगी की रकम आने का पता चला है।
ठगी की कमाई से सौरभ ने महंगी कार व मोबाइल फोन भी खरीदा था, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।
पाकिस्तान–सऊदी लिंक उजागर, विदेशी नंबरों पर होती थी बातचीत
जांच में पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से पाकिस्तान व सऊदी अरब के फोन नंबरों पर लगातार कॉल के रिकॉर्ड मिले हैं। यह साफ हो गया कि गिरोह का संचालन विदेशों से भी किया जा रहा था।
पश्चिम बंगाल की महिला ‘मास्टरमाइंड’
गिरफ्तार सौरभ ने बताया कि गिरोह की मास्टरमाइंड श्रेया गुप्ता, निवासी पश्चिम बंगाल है।
आरोप है कि—
- श्रेया ने सौरभ और आकाश को बैंक खाते उपलब्ध कराने को कहा था।
- विदेश से आने वाली ठगी की रकम ट्रांसफर करने पर कमीशन देने का लालच दिया गया।
- श्रेया ने ही उन्हें पाकिस्तान और सऊदी अरब के ठगों से संपर्क कराया।
सौरभ ने सीएससी सेंटर का संचालन करते हुए गांव वालों के बैंक खाता नंबर और UPI ID भी गिरोह को उपलब्ध कराए थे।
कैसे होती थी ठगी की रकम की धुलाई?
सौरभ और उसका साथी—
- विदेश से आए ठगी के पैसों को स्थानीय खातों में मंगवाते,
- रकम निकालकर दूसरे खातों में जमा कराते,
- इसके बदले कमीशन प्राप्त करते थे।
पुलिस ने कहा—“गिरोह के नेटवर्क की विस्तृत जांच जारी”
कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया—
“सौरभ, आकाश व अन्य ग्रामीणों के 2 दर्जन से अधिक बैंक खातों में डेढ़ करोड़ से ज्यादा का लेनदेन हुआ है। सौरभ एलएलबी का छात्र है और ठगी की कमाई से महंगी कार भी खरीदी थी। आरोपियों की विदेशों से लगातार बातचीत होती थी। मामले की गहराई से जांच भी की जा रही है।”
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य साथियों की तलाश में भी जुट गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।




