KANWAR YATRA 2025: पिछले साल की तुलना में कम हुए हादसे, घटा घायलों और मौतों का आंकड़ा – पढ़ें पूरी रिपोर्ट
कांवड़ यात्रा 2025: 13 दिनों में रुड़की क्षेत्र में सड़क हादसों में 73 घायल, 8 शिवभक्तों की मौत | प्रशासन के सख्त इंतजामों से हादसों में आई कमी
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हरिद्वार – आस्था व विश्वास का प्रतीक कांवड़ यात्रा 2025 बीते 11 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई को संपन्न भी हुई। इस साल यात्रा के दौरान करीब 4.5 करोड़ शिवभक्तों ने हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल संग अपने आराध्य भगवान शिव के लिए जलाभिषेक की पवित्र यात्रा पूरी भी की। हालांकि भीड़ के दबाव व अत्यधिक संख्या के बावजूद, हरिद्वार जनपद पुलिस और प्रशासन की ओर से किए गए कड़े इंतजामों के चलते इस बार यात्रा अपेक्षाकृत सुरक्षित भी रही। रुड़की क्षेत्र में इस दौरान सड़क हादसों में कुल 73 कांवड़िये घायल हुए, जबकि 8 श्रद्धालुओं की दुखद मृत्यु भी हुई।
मृतकों की पहचान विजय कुमार (दिल्ली), योगराज व रोहित (हरियाणा), पुरुषोत्तम शर्मा (गाज़ियाबाद, यूपी), जिया (मेरठ, यूपी), रवि कुमार (पंजाब) और दो अज्ञात कांवड़ियों के रूप में भी हुई है। सभी घायलों का उपचार रुड़की सिविल अस्पताल में ही कराया गया।
पिछली वर्ष की तुलना में स्थिति बेहतर
वर्ष 2024 की कांवड़ यात्रा में रुड़की क्षेत्र में 109 लोग घायल हुए थे और 6 की मौत भी हुई थी। इस बार दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या में कमी जरूर आई है, पर मृतकों की संख्या में थोड़ा इजाफा भी देखा गया।
प्रशासन ने इस बार भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, चिकित्सा सहायता व कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशाल स्तर पर भंडारे, शिविर व मेडिकल पोस्ट की व्यवस्था की थी। कांवड़ मार्ग पर लगे सेवा शिविरों ने भी थकान से जूझते यात्रियों को राहत भी पहुंचाई।
जिलाधिकारी व एसएसपी ने जताया आभार
कांवड़ यात्रा के सफल व अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण आयोजन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल, स्वयंसेवकों व सामाजिक संस्थाओं का धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
कांवड़ यात्रा हर वर्ष उत्तर भारत के राज्यों – दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से लाखों श्रद्धालुओं को एकजुट करती है। इस बार भी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ कांवड़ उठाई व सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर शिवधामों में जलाभिषेक भी किया।




