हरिद्वार: नगर निगम की पहल से अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु व पर्यटक केवल गंगा के घाटों तक ही नहीं, बल्कि मां गंगा के पौराणिक इतिहास को भी करीब से भी देख व समझ सकेंगे। देवपुरा चौक स्थित नगर निगम की जमीन पर भव्य गंगा म्यूजियम का निर्माण भी किया जाएगा, जिसे शासन की मंजूरी भी मिल चुकी है।

करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले इस म्यूजियम में गंगा अवतरण, कुंभ मंथन, शिव लीलाओं व अन्य पौराणिक कथाओं का सजीव चित्रण किया जाएगा। म्यूजियम में तीन मंजिलों में दर्शनीय स्थल होंगे, जबकि सबसे निचले तल पर पर्यटकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

मेयर किरण जैसल ने कहा कि कुंभ से पहले इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य भी रखा गया है। उन्होंने बताया कि म्यूजियम के जरिए देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु हरिद्वार के धार्मिक व पौराणिक इतिहास से परिचित हो सकेंगे।

पर्यटकों के लिए खास आकर्षण:

म्यूजियम में भगीरथ की तपस्या, दक्ष प्रजापति प्रसंग, देवी सती व भगवान शिव की कथाएं, पांडव लीलाएं, सप्त सरोवर, मच्छला कुंड और ब्रह्मकुंड सहित अनेक पौराणिक स्थल भी शामिल होंगे। इसके अलावा चंडी देवी, श्री दक्षिण काली, गंगा व मनसा देवी के संगम का महत्व, शीतला माता, सुरेश्वरी देवी और मायादेवी जैसे प्रमुख मंदिरों का विवरण भी दर्शाया जाएगा। कांवड़ यात्रा व हरकी पैड़ी का इतिहास भी म्यूजियम में देखने को मिलेगा।

नगर निगम की बेशकीमती जमीन का सदुपयोग करते हुए यह परियोजना स्थानीय लोगों व पर्यटकों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी। मेयर किरण जैसल ने कहा, “हरिद्वार चार धाम का प्रवेश द्वार है और युवा पीढ़ी अपने प्राचीन इतिहास को जानना भी चाहती है। गंगा म्यूजियम में मां गंगा के अवतरण से लेकर सभी प्रमुख लीलाओं का सजीव वर्णन भी किया जाएगा।”