महंगी हो सकती है बिजली: UPCL की मांग पर आयोग में सुनवाई, उपभोक्ता चिंतित
उत्तराखंड में महंगी हो सकती है बिजली, उपभोक्ताओं पर 674 करोड़ का बोझ डालने की तैयारीI बिजली की मार! उत्तराखंड में दरों में फिर बढ़ोतरी की तैयारी, 674 करोड़ का बोझ संभव I 27 लाख उपभोक्ताओं पर बिजली दर बढ़ोतरी की तलवार, UPCL ने मांगे 674 करोड़ I UPCL बनाम उपभोक्ता: बिजली दरें बढ़ेंगी या जनता को मिलेगी राहत? बिजली बिल फिर बढ़ेगा? उत्तराखंड में टैरिफ रिव्यू पर बड़ा फैसला जल्द I महंगाई के बीच एक और झटका: उत्तराखंड में बिजली दर 5.82% तक बढ़ सकती है
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देहरादून | उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही झटका भी लग सकता है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में चल रही जन सुनवाई में बिजली दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेश के 27 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली के लिए अधिक भुगतान भी करना पड़ सकता है।
जनसुनवाई की अध्यक्षता आयोग के चेयरमैन एमएल प्रसाद व विधिक सदस्य अनुराग शर्मा कर रहे हैं। यह सुनवाई उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा दाखिल की गई उस याचिका पर ही हो रही है जिसमें 11 अप्रैल 2025 को जारी टैरिफ आदेश की समीक्षा की मांग भी की गई थी।
UPCL ने क्यों मांगी दरों में दोबारा बढ़ोतरी?
UPCL का तर्क है कि पहले के टैरिफ आदेश में कंपनी के खर्चों का पूरा आकलन ही नहीं हुआ था। नई याचिका में 674.77 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व की मांग भी की गई है, जिसे उपभोक्ताओं से वसूले जाने का प्रस्ताव भी है। यह राशि पिछली अवधि के घाटों व आगामी खर्चों के आधार पर तैयार भी की गई है।
यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो बिजली दरों में औसतन 5.82% तक की बढ़ोतरी भी हो सकती है। इससे पहले अप्रैल में 5.62% की वृद्धि पहले ही हो चुकी है।
क्या कह रहे हैं उपभोक्ता और विशेषज्ञ?
जनसुनवाई में भाग ले रहे उपभोक्ता संगठनों व नागरिक प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध भी किया है। उनका कहना है कि पहले ही प्रदेश में जीवन यापन की लागत बढ़ रही है और ऐसे में बिजली दरों में बार-बार की गई बढ़ोतरी न्यायसंगत ही नहीं है।
अब आगे क्या होगा?
जनसुनवाई पूरी होने के बाद आयोग इस पर अंतिम फैसला भी लेगा। अगर UPCL की याचिका को मंजूरी मिलती है, तो उपभोक्ताओं को आगामी महीनों में महंगी बिजली का सामना भी करना पड़ेगा।




