देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग में नए मुखिया की ताजपोशी के बाद पीसीसीएफ रैंक के अधिकारियों की कमी चिंता का विषय भी बन गई है। लगातार हो रही सेवानिवृत्तियों व प्रतिनियुक्तियों के कारण अब महकमे में इस रैंक के अधिकारी बहुत ही कम रह गए हैं।

वर्तमान में विभाग में 5 पीसीसीएफ अधिकारी हैं, जिनमें से 2 राज्य प्रतिनियुक्ति पर बाहर ही हैं। अगले 24 दिन में बीपी गुप्ता की सेवानिवृत्ति के बाद संख्या 4 ही रह जाएगी। अगले 7 महीनों में प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्रा के रिटायर होने से केवल 3 पीसीसीएफ अधिकारी ही शेष भी रहेंगे।

अन्य रैंक में स्थिति

  • एपीसीसीएफ: राज्य में 6 अधिकारी हैं, जिनमें से 3 प्रतिनियुक्ति पर बाहर हैं।
  • सीसीएफ: कुल 9 अधिकारी, 3 प्रतिनियुक्ति पर बाहर।
  • सीएफ और डीएफओ: कई अधिकारियों की फील्ड पोस्टिंग में कमी और दोहरे चार्ज की समस्या बनी हुई है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि अधिकारियों की कमी चिंताजनक है, लेकिन इस पर अलग फॉर्मूला निकालकर तैनाती सुनिश्चित भी की जाएगी। प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्रा ने भी कहा कि विभाग में जिम्मेदार व काबिल अधिकारी मौजूद हैं, जिन्हें प्रभावी तरीके से तैनात भी किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ माह में पीसीसीएफ स्तर की कमी और बढ़ सकती है, इसलिए विभाग को सुदृढ़ व प्रभावी तैनाती के उपाय जल्दी करने होंगे।