रामनगर–हल्द्वानी मार्ग पर पिछले कई दिनों से लोगों के आकर्षण का केंद्र बने सांभर हिरण को आखिरकार वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू भी कर लिया है। सड़क किनारे घूम रहे इस सांभर के साथ लोग लगातार सेल्फी ले रहे थे और उसे बिस्कुट जैसे अनुपयुक्त खाद्य पदार्थ भी खिला रहे थे। इससे वन्यजीव व राहगीरों दोनों की सुरक्षा को खतरा भी पैदा हो रहा था।
वन विभाग के रेंज अधिकारी शेखर तिवारी ने बताया कि वन्यजीवों व आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डॉ. साकेत बडोला के निर्देश पर टीम ने कोसी बैराज क्षेत्र से सांभर को सफलतापूर्वक रेस्क्यू भी किया। इसे बाद में कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में इसका उपचार व देखरेख की जाएगी।
खास बात यह है कि यह पहला सांभर हिरण भी है जिसे हाल ही में क्षमता बढ़ाए गए इस रेस्क्यू सेंटर में स्थानांतरित भी किया गया है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने मार्च 2025 में इस सेंटर को 32 बाघ, 48 गुलदार, 5 हाथी व अनेक प्रजातियों के हिरणों व घायल पक्षियों की देखरेख की अनुमति भी दी थी।
वन विभाग का कहना है कि यह कदम वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा निर्णय भी है, जिससे कॉर्बेट लैंडस्केप व आसपास के क्षेत्रों में भटके या घायल वन्यजीवों को समय पर सुरक्षित मदद भी मिल सकेगी।
विभाग ने जनता से अपील भी की है कि—
- वन्यजीवों को भोजन न दें
- उनसे दूरी बनाए रखें
- सेल्फी लेने से बचें
- किसी भी वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में आने पर तुरंत सूचना दें
यह भी उल्लेखनीय है कि सांभर अक्सर सड़क पर घूमता भी दिखाई देता था और लोगों के पास जाने पर भी नहीं भागता था, जिसके कारण कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती थी। व्यस्त मार्ग होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई थी। वन विभाग की इस कार्रवाई से अब राहत भी मिली है।
