देहरादून: जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तेल कंपनियों के अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक भी की। बैठक में गैस वितरण में पारदर्शिता और आम उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कई अहम निर्देश भी जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन आपदा कंट्रोल रूम में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ 1 घंटे की बैठक करेंगे, जिसमें गैस वितरण, स्टॉक व बैकलॉग की समीक्षा की जाएगी। साथ ही एलपीजी गैस से जुड़ी शिकायतों का तत्काल निस्तारण भी किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत एलपीजी गैस वितरण में पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी भी न हो। घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली के जरिए करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर रोक भी लगाई जा सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि यदि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में कोई तकनीकी समस्या आती है तो गैस एजेंसियां अपने संपर्क नंबर जारी करेंगी और मैन्युअल बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराएंगी। एजेंसी संचालकों ने जानकारी दी कि एक बार बुकिंग के बाद अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव भी होगी। इस पर जिलाधिकारी ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी बल्क एसएमएस व एजेंसियों पर फ्लेक्सी बोर्ड लगाकर दी जाए।
शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय
जिलाधिकारी के निर्देश पर एलपीजी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आपदा कंट्रोल रूम में विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित भी किया गया है। किसी भी शिकायत या सूचना के लिए नागरिक 1077, 0135-2626066, 0135-2726066 या व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर संपर्क भी कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर तुरंत ही कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस का उपयोग जरूरत के अनुसार ही करें। उन्होंने कहा कि जिले में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर भी बनाए हुए है। जिले की 72 गैस एजेंसियों के गोदाम प्रशासन की निगरानी में भी रखे गए हैं।
अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों के साथ गैस एजेंसियों का रेंडम स्टॉक व वितरण जांच अभियान चलाएं। यदि कहीं भी गैस वितरण में अनियमितता, अवैध भंडारण, बाहरी लोगों की संलिप्तता या अवैध रिफिलिंग पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी को सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
साथ ही एसडीएम को होटल और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के साथ बैठक कर घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि कहीं घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल पाया जाता है तो सिलेंडर जब्त कर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 व बीएनएस के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ता
बैठक में बताया गया कि जिले में फिलहाल 72 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से करीब 7.81 लाख घरेलू व 19,624 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जाती है। जिले में गैस की सप्लाई एचपीसीएल के भगवानपुर, बीपीसीएल के लंढौरा व इंडियन ऑयल के बादराबाद व लोनी (गाजियाबाद) डिपो से होती है।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों व छात्रावासों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं के संचालन में कोई बाधा भी न आए। साथ ही गैस कंपनियों को एजेंसियों को मांग के अनुरूप समय पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
