देहरादून: डॉक्टरों ने कर दिखाया कमाल, कटा हुआ पैर 8 घंटे की सर्जरी के बाद दोबारा जोड़ा
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देहरादून: मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल सर्जरी कर 23 वर्षीय युवक का कटा हुआ पैर सफलतापूर्वक दोबारा जोड़ भी दिया। औद्योगिक हादसे में युवक का दाहिना पैर व पंजा शरीर से पूरी तरह अलग हो गया था, लेकिन डॉक्टरों की तत्परता व उन्नत माइक्रोसर्जरी तकनीक ने उसकी जिंदगी और पैर दोनों बचा लिए।
जानकारी के अनुसार, युवक एक औद्योगिक दुर्घटना में एक्सकेवेटर की कन्वेयर बेल्ट पर ही गिर गया था, जिससे उसका दाहिना पैर कटकर अलग भी हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में देहरादून स्थित अस्पताल में लाया गया। कटे हुए पैर को बर्फ से भरे डिब्बे में सुरक्षित रखकर अस्पताल में पहुंचाया गया था।
अस्पताल की इमरजेंसी टीम ने पहले मरीज की स्थिति को स्थिर भी किया। इसके बाद प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. चिसेल भाटिया व ऑर्थोपेडिक्स विभाग की टीम ने करीब 8 घंटे तक चली जटिल सर्जरी को अंजाम भी दिया। इस दौरान हड्डियों, नसों, टेंडन व क्षतिग्रस्त ऊतकों को दोबारा जोड़कर पैर को शरीर से जोड़ा भी गया।
सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू में निगरानी में भी रखा गया। उपचार के दौरान स्किन ग्राफ्टिंग और घावों की विशेष देखभाल भी की गई ताकि पैर में रक्त संचार सामान्य भी बना रहे। 14 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद युवक को स्थिर हालत में छुट्टी भी दे दी गई।
डॉ. चिसेल भाटिया ने बताया कि इस तरह के मामलों में केवल सर्जरी ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक निगरानी व रिकंस्ट्रक्टिव प्रक्रियाओं की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि मरीज को पूरी तरह सामान्य रूप से चलने-फिरने में समय लगेगा, लेकिन उसका अपना पैर बचा लेना शारीरिक व मानसिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है।
यह सफल ऑपरेशन गंभीर ट्रॉमा व जटिल सर्जरी के क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञता का उत्कृष्ट उदाहरण भी माना जा रहा है।




