मानसा: पंजाब में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 11 दिन बाद भी इंसाफ की मांग को लेकर गतिरोध बना हुआ है। शुक्रवार को इंसाफ कमेटी और विशेष जांच टीम (SIT) के बीच हुई तीसरी बैठक भी बेनतीजा रही। कमेटी ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे की मांग दोहराई, जबकि एसआईटी ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया। इस बीच, शनिवार को झोटा के पिता ने मानसा के एसएसपी वैभव शर्मा को पद से हटाने की मांग उठाई है। दूसरी ओर, मामले से जुड़े नशीले कैप्सूल और दवाओं की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने मानसा मेडिकल हॉल के गोदाम पर छापेमारी की है।
इंसाफ कमेटी ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे को अपनी प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि जब तक इस पर फैसला नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा। कमेटी ने मांग की कि सरकार ऐसी समिति भेजे, जिसके पास इन पदाधिकारियों के इस्तीफे पर निर्णय लेने का अधिकार हो। एसआईटी ने कमेटी की 12 अन्य मांगों को स्वीकार करने का भरोसा दिया, लेकिन इस्तीफे के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
कमेटी ने 25 अक्टूबर को पंजाबभर में झाड़ू फूंक प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही ख्याला में बनने वाले ट्रॉमा सेंटर का नाम परविंदर सिंह झोटा के नाम पर रखने की मांग भी उठाई गई। एसआईटी ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर बनने के बाद उसके नामकरण पर विचार किया जाएगा, लेकिन कमेटी इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई।
इंसाफ कमेटी ने पंजाब सरकार पर नशे के खिलाफ अभियान चलाने के बावजूद विधानसभा में परविंदर सिंह झोटा को केवल श्रद्धांजलि देने का आरोप लगाया। कमेटी का कहना है कि उनकी हत्या और राज्य में नशे की समस्या पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए थी। झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने भी मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए उन्हें घटना के लिए नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराया।
एसआईटी की अगुवाई कर रहीं अपनीत रियात के अनुसार, सरकार ने इंसाफ कमेटी की कई मांगें मान ली हैं। उन्होंने बताया कि बिना डॉक्टर की पर्ची के प्रीगाबालीन दवा की बिक्री पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा, परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने और कमेटी की नई मांगों पर भी विचार किया जा रहा है।
इसी बीच, मानसा में एक मेडिकल स्टोर और उससे जुड़े गोदाम पर सीबीआई की कार्रवाई भी चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी अश्वनी ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर बताया था कि मानसा मेडिकल हॉल में कुछ दवाएं रखी हुई हैं। इसके बाद सीबीआई की टीम शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात मानसा पहुंची और जांच शुरू की। टीम के साथ निलंबित ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार भी मौजूद था।
सूत्रों के मुताबिक, दुकान से कुछ दवाएं लेने के बाद सीबीआई टीम श्मशान घाट रोड स्थित मानसा मेडिकल हॉल के गोदाम में जांच-पड़ताल करने पहुंची। बताया जा रहा है कि मोहाली की जिस फैक्टरी से आरोपी अश्वनी कथित तौर पर नशीले कैप्सूल लाता था, उसका संबंध भी मानसा मेडिकल हॉल से जुड़ने की जानकारी सामने आई है। इसी कड़ी की जांच के लिए छापेमारी किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, सीबीआई की कार्रवाई और कथित संबंधों को लेकर आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
परविंदर सिंह झोटा के परिवार के प्रति संवेदना जताने के लिए शुक्रवार को अभिनेता सोनू सूद और मालविका सूद भी पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर दुख साझा किया। इस दौरान कई किसान नेताओं और अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
हत्या के मामले में इंसाफ की मांग, नशे के कारोबार से जुड़े आरोपों की जांच और सरकार के शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे की मांग के बीच मानसा में तनाव बना हुआ है। इंसाफ कमेटी ने 25 अक्टूबर को राज्यव्यापी प्रदर्शन की तैयारी की है, जबकि सीबीआई की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों और कथित दवा नेटवर्क की जांच पर भी नजर बनी हुई है।
