मुंबई/अमृतसर: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज हो गई है। जांच एजेंसियां अमृतसर से पिस्तौल और कारतूस मुंबई पहुंचाए जाने की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। इस सिलसिले में अमृतसर के बाईपास क्षेत्र में लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। इनमें दो से तीन संदिग्ध दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। पंजाब पुलिस ने फुटेज दिल्ली और मुंबई पुलिस के साथ साझा की है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान अमृतसर से हथियार भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। जांच के अनुसार, गैंगस्टर अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल और सुमित ने अमृतसर से पिस्तौल और 20 कारतूस हासिल किए थे। इसके बाद 15 अक्टूबर को कुणाल ने राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए रवाना किया। बताया गया है कि पिस्तौल राधा के बैग में रखी गई थी। दोनों महिलाएं 17 अक्टूबर को मुंबई के दादर पहुंचीं, जहां से आगे की कड़ी में एक नाबालिग लड़के द्वारा होटल के पास से बैग लिए जाने की बात सामने आई है।

जांच के मुताबिक, 18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई गईं। अभिनेता इस घटना में सुरक्षित रहे, जबकि उनके चालक और घटनास्थल के पास मौजूद एक अन्य व्यक्ति को चोटें आईं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से लाया गया और इसे आरोपियों तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही।

जांच एजेंसियां आरोपियों के बीच संपर्क के लिए इस्तेमाल किए गए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप और कथित डेड लेटर बॉक्स के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अमृतसर में हथियार कहां रखे गए थे और वहां से उन्हें आगे कैसे पहुंचाया गया। मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए भी जांच जारी है।

इस बीच, हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार अंकित खट्टर, समीर खत्री और जतिन पांचाल को मुंबई की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, तीनों पर 18 अक्टूबर को जुहू में हुई फायरिंग की साजिश में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों ने रसद जुटाने, पैसे के लेन-देन और हथियारों की व्यवस्था करने जैसी भूमिकाएं निभाई थीं।

पुलिस के मुताबिक, अंकित ने कथित तौर पर रेकी कर अन्य आरोपियों को जानकारी दी थी। वहीं, जतिन और समीर पर वांछित आरोपी अनिल पंडित के साथ हथियारों की खरीद-फरोख्त में भूमिका निभाने का संदेह है। अनिल पंडित के लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।

इस मामले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस हथियारों की सप्लाई, आरोपियों के आपसी संपर्क और कथित साजिश से जुड़ी सभी कड़ियों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और प्रत्येक आरोपी की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।