EMI भुगतान करने वालों के लिए खुशखबरी : RBI ने रेपो दर में 25 बेसिस प्वाइंट की और कटौती की
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज बुधवार को रेपो दर में 25 आधार अंकों (बेसिस प्वाइंट) की और कटौती करने का ऐलान किया है। इस फैसले से समान मासिक किस्तों (EMI) का भुगतान करने वाले ग्राहकों को राहत भी मिलेगी, और वे अपनी EMI में कमी देख सकेंगे। इसके अलावा, नए उधारकर्ताओं के लिए होम लोन, ऑटो लोन व पर्सनल लोन जल्द ही और भी सस्ते हो जाएंगे।
हालिया कटौती के बाद, रेपो रेट अब 6.25 फीसदी से घटकर 6 फीसदी हो गई है। यह कटौती RBI के द्वारा कोविड-19 महामारी के बाद की गई दूसरी कटौती है। मई 2020 से अप्रैल 2022 तक RBI ने रेपो दर को 4 फीसदी पर स्थिर रखा था। इसके बाद, अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 तक, RBI ने धीरे-धीरे नीतिगत दरों को बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया था, और हाल ही में इसकी कटौती की गई है।
RBI की रेपो रेट में कटौती का प्रभाव
मान लीजिए कि किसी ने बैंक से 30 साल के लिए 8.70 फीसदी ब्याज दर पर 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है:
- वर्तमान EMI: 39,157 रुपये
अगर ब्याज दर 25 आधार अंकों की कटौती के बाद 8.45 फीसदी हो जाती है, तो EMI घटकर 38,269 रुपये हो जाएगी, जिससे हर महीने 888 रुपये की बचत होगी। इसका मतलब है कि केवल 0.25 फीसदी की दर कटौती से प्रति वर्ष 10,500 रुपये से अधिक की बचत हो सकती है। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो 20 या 30 वर्ष की लोन अवधि के लिए लोन लेते हैं।
बैंक कैसे करेगा कटौती?
लोन की ब्याज दरों में 2 प्रमुख घटक होते हैं – मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) और स्प्रेड। जब RBI रेपो दर में कटौती करता है, तो MCLR में कमी आने की संभावना होती है। हालांकि, बैंकों के बीच स्प्रेड अलग-अलग होते हैं, और यह इस बात पर निर्भर करता है कि ब्याज दर में कितनी कटौती का लाभ ग्राहकों को दिया जाता है।
यह फैसला ग्राहकों को राहत देने के साथ-साथ वित्तीय बाजारों में भी एक सकारात्मक प्रभाव भी छोड़ सकता है।




