खटीमा: सुरई वन क्षेत्र में बाघ से संघर्ष में तेंदुए की मौत, गर्दन पर पंजे के निशान मिले

खटीमा के सुरई वन क्षेत्र में बाघ से संघर्ष में एक तेंदुए की मौत हो गई। वन कर्मियों को गश्त के दौरान जंगल में झाड़ियों के पीछे तेंदुए का शव मिला, जिसकी गर्दन पर बाघ के पंजे के निशान पाए गए। शव का पोस्टमार्टम कर लिया गया है।
वन्यजीवों के बीच आपसी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सुरई रेंज के वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि कुछ दिन पहले वन विभाग की टीम गश्त पर थी। शाम के समय कम्पार्ट 46 डी में वन कर्मियों को झाड़ियों के पीछे तेंदुए का शव मिला। घटनास्थल के आसपास बाघ के पंजे के निशान भी मिले। तेंदुए की गर्दन पर भी बाघ के पंजे के निशान थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि तेंदुए की मौत बाघ से संघर्ष में हुई है।
वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि तेंदुए का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया है। शुक्रवार को इस मामले में वन विभाग ने केस दर्ज किया है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
करीब दो माह पहले भी खटीमा में बाघ और तेंदुए के बीच संघर्ष में तेंदुए की मौत हो चुकी है। मार्च 2022 में सुरई रेंज के कक्ष संख्या 46 में दो बाघों और एक तेंदुए के बीच हुए संघर्ष में भी तेंदुए की मौत हुई थी।